Plane Crash Incidents: सोमवार को रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश होने से मरीज समेत 7 लोगों की जान चली गई तो मंगलवार को दिल्ली से लेह जा रहे स्पाइसजेट के विमान में उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद आग की चिंगारी देख यात्री दहशत में आ गए… पढ़िए प्लेन क्रैश का पूरा चिट्ठा।
Plane Crash Incidents In One Year: दो दिन में देश के तीन हवाई हादसों ने उड़ानों की सुरक्षा को फिर घेरे में ला दिया। सोमवार को रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश होने से मरीज समेत 7 लोगों की जान चली गई तो मंगलवार को दिल्ली से लेह जा रहे स्पाइसजेट के विमान में उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद आग की चिंगारी देख यात्री दहशत में आ गए। मंगलवार को ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मयाबंदर के पास पवन हंस हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर समुद्र में गिर गया। हालांकि अच्छी बात ये रही कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। पिछले वर्ष अहमदाबाद विमान हादसे के बाद कई उड़ानों में छोटी-बड़ी खामियां विमानन क्षेत्र की तकनीकी कमजोरी को उजागर करती हैं। सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष भारतीय विमानों में 183 तकनीकी खामियों के मामले सामने आए। इनमें सबसे ज्यादा एयर इंडिया के थे। चिंताजनक यह भी है कि डीजीसीए ने बताया कि 2025 में 377 विमानों में बार-बार होने वाली तकनीकी खामियां पाई गईं। डीजीसीए ने सभी मामलों में जांच के आदेश दे दिए हैं।
स्पाइसजेट का विमान एसजी-121 सुबह 6: 08 बजे लेह के लिए उड़ा। बोइंग 737 विमान में करीब 150 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद इंजन नंबर दो में खराबी आ गई। यात्रियों ने खिडक़ी से चिंगारियां और आग की लपटें देखकर क्रू मेंबर को सूचित किया। पायलट ने तुरंत 'मेडे, मेडे, मेडे' का अलार्म बजाया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। 6:49 बजे पायलट की सूझबूझ से विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। यात्रियों ने कहा, ये पल डरावना था।
हेलिकॉप्टर क्रैश, सभी सात यात्री सुरक्षित बचाए: अंडमान निकोबार द्वीप समूह के रंगत हेलीपैड से सुबह 9:10 बजे उड़ा पवन हंस हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते 9:30 बजे मयाबंदर हेलीपैड से 300 मीटर पहले उथले पानी में क्रैश हो गया। पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन हेलिकॉप्टर पानी में गिर गया। गनीमत रही कि सभी सात लोग सुरक्षित बचा लिए गए। पायलट कैप्टन अनिल जानू और को-पायलट कैप्टन टीपीएस गुलिया की सूझबूझ की सराहना हो रही है। पैसेंजर्स में तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल था।