राष्ट्रीय

PM Modi नाइजीरिया रवाना, 155 कंपनियां, 2 लाख करोड़ रुपये का व्यापार, जानें कितना अहम है Nigeria का दौरा?

PM Modi visit to Nigeria, Brazil and Guyana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की 5 दिवसीय यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि पीएम की ये यात्रा क्यों है खास-

3 min read

PM Modi Nigeria Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइजीरिया, ब्राजील (Brazil) और गुयाना (Guyana) की 5 दिवसीय यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री अफ्रीकी देश नाइजीरिया से करेंगे। नाइजीरिया की यात्रा राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू (Bola Ahmed Tinubu) के निमंत्रण पर हो रही है। नाइजीरिय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का 17 साल बाद विजिट होगा है। पीएम मोदी से पहले साल 2007 में तत्कालीन PM डॉ. मनमोहन सिंह नाइजीरिया के दौरे पर गए थे। इसके बाद पीएम मोदी ब्राजील में G-20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) में भाग लेंगे और वहां से गुयाना जाएंगे। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी की ये यात्रा क्यों है खास-

PM Modi emplanes for 3 nation visit Nigeria, Brazil and Guyana

प्रधानमंत्री मोदी के विजिट का पूरा कार्यक्रम

पीएम मोदी 16-17 नवंबर को दौरे पर रहेंगे। वे राष्ट्रपति टीनूबू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके साथ ही राजधानी अबुजा में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित भी करेंगे। भारत-नाइजीरिया के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।नाइजीरिया के बाद प्रधानंमत्री 18-19 नवंबर को ब्राजील जाएंगे, राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की ओर से आयोजित G-20 समिट में भाग लेंगे। पीएम मोदी 19-21 नवंबर को गुयाना जाएंगे और राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के संग चर्चा करेंगे। यहां पीएम मोदी कैरेबियन कम्युनिटी (CARICOM) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। गुयाना में किसी भारतीय PM की 56 सालों में पहली यात्रा होगी।

PM Modi with Nigerian President Bola Ahmed Adekunle Tinubu in G20 Summit (File Photo)

भारत के लिए कितना अहम है नाइजीरिया का दौरा?

भारत के पहले PM जवाहरलाल नेहरू ने सितंबर 1962 में नाइजीरिया का दौरा किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यात्रा के दौरान भारत और नाइजीरिया संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया गया था। तेल और गैस के विशाल भंडार की वजह से नाइजीरिया, अफ्रीका के अहम देशों में से एक है। यह देश भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करता है। अफ्रीका में भारतीय निवेश खासकर ऊर्जा, खनन, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। नाइजीरिया में लगभग 60,000 भारतीयों का एक बड़ा समुदाय है। ये पश्चिम अफ्रीका में भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र है। नाइजीरिया में भारत की करीब 150 से ज्यादा कंपनियां हैं। 2023-24 में दोनों देशों के बीच 2 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कुछ बड़े समझौतों की उम्मीद है।

नाइजीरिया अफ्रीका का सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश है

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तो वहीं नाइजीरिया अफ्रीका का सबसे बड़ा लोकतंत्रिक देश है। नाइजीरिया की आबादी 23 करोड़ है जो कि उत्तर प्रदेश (24 करोड़) से कम है, लेकिन यह देश सबसे तेजी से आबादी बढ़ने वाले देशों में शामिल है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2050 तक नाइजीरिया की आबादी 40 करोड़ होगी। तब वह भारत, चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होगा।

यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

दौरे पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने लिखा, 'अगले कुछ दिनों में मैं नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना में रहूंगा। मुझे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों तरह के कई कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जो विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को गति प्रदान करेंगे। मैं ब्राजील में G-20 शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा और गुयाना में कैरेबियाई नेताओं से मिलूंगा। मैं इस यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय से भी मिलूंगा।'

PM की इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध होगें मजबूत

दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन जाएंगे। गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर यह यात्रा 1968 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की गुयाना की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और गुयाना की संसद को संबोधित करेंगे और प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं के साथ दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। पिछले साल राष्ट्रपति अली इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थे, जहां उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री के दौरे से इन क्षेत्रों के साथ भारत के जुड़ाव को गहरा करने, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय साझेदारी को बढ़ावा देने और प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को बढ़ाने की उम्मीद है।

Also Read
View All

अगली खबर