
Happy Birthday Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर देशभर से लोग बधाई संदेश दे रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। हालांकि, इस खास दिन पर भी सियासी बयानबाजी और तीखे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस के बड़े नेता ने पीएम को लंबी उम्र की बधाई दी, वहीं पार्टी के दिग्गज नेताओं ने सरकार और पीएम मोदी के कामकाज के तरीके पर जमकर हमला बोला।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए एक बड़ा राजनीतिक तंज कसा। इमरान मसूद ने कहा कि ईश्वर उन्हें लंबी उम्र दे, इस अवसर पर मैं यही प्रार्थना करूंगा। लेकिन सच्चाई यह भी है कि वह देश के बुनियादी और असली मुद्दों पर बात नहीं करते हैं।
इमरान मसूद के कड़े रुख से अलग, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का अंदाज काफी औपचारिक और मर्यादित नजर आया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, ईश्वर उन्हें बेहतर सेहत और लंबी उम्र प्रदान करे।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के दौरान नरेंद्र मोदी ने सुशासन के नए मानदंड स्थापित किए हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में देश के समावेशी विकास को अभूतपूर्व गति मिली है।
जन्मदिन के जश्न के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आयोजनों के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी द्वारा पीएम मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के जश्न में सरकारी मशीनरी और जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में 1.5 करोड़ से अधिक दीये जलाने की तैयारी की गई है, जिसमें अकेले रायपुर शहर और जिले में लाखों दीये जलाए जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि इन दीयों, तेल और बत्तियों का खर्च किस सरकारी बजट से निकाला जा रहा है। इस व्यक्तिगत और पार्टी आधारित आयोजन में सरकारी विभागों, सचिवों और कलेक्टरों को क्यों झोंका जा रहा है? पूर्व सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के पैसों की इस फिजूलखर्ची का पूरा हिसाब देना होगा।