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PM Modi Chess Diplomacy: मोदी का अनोखा तोहफा: उज़्बेक राष्ट्रपति को मिली सिंदारोव की ऐतिहासिक जीत की असली निशानी

India Uzbekistan Chess: गोवा में खेले गए मुकाबले की चालों का रिकॉर्ड अब ताशकंद में कूटनीतिक यादगार बन गया है। इस खास भेंट के पीछे सिंदारोव की विश्व कप जीत से लेकर आगामी विश्व चैंपियनशिप तक की पूरी कहानी जुड़ी है।
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Sep 02, 2026
PM Modi Chess Diplomacy
PM Modi Chess Diplomacy :गुकेश के बड़े मुकाबले से पहले मोदी की ‘शतरंज चाल’, उज़्बेक राष्ट्रपति को दिया बेहद खास तोहफा (फोटो सोर्स: ANI)

Javokhir Sindarov World Cup: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज़्बेकिस्तान यात्रा में कूटनीति का एक दिलचस्प चेहरा सामने आया। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव को दिया गया एक खास उपहार सीधे शतरंज की दुनिया से जुड़ा था। मोदी ने उज़्बेक ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव की 2025 FIDE World Cup जीत की मूल हस्तलिखित स्कोरशीट उन्हें भेंट की। यह कदम भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच बढ़ते खेल संबंधों के साथ दोनों देशों की युवा शतरंज प्रतिभाओं की मजबूत होती भूमिका को भी सामने लाता है।

शतरंज की स्कोरशीट बनी राजनयिक तोहफा

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव को जावोखिर सिंदारोव की ऐतिहासिक विश्व कप जीत से जुड़ी मूल स्कोरशीट भेंट की। इसे विशेष लेदर कवर में रखा गया था। साथ में सिंदारोव की विश्व कप ट्रॉफी के साथ तस्वीर भी दी गई, जिसमें उनके कंधों पर उज़्बेकिस्तान का झंडा नजर आता है।

यह उपहार इसलिए खास है क्योंकि इसमें उज़्बेकिस्तान के एक युवा खिलाड़ी की बड़ी उपलब्धि और भारत में आयोजित प्रतियोगिता, दोनों की याद जुड़ी हुई है।

AICF ने बताया ‘Chess Diplomacy’ का उदाहरण

ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के प्रमुख नितिन नारंग ने इस पहल को ‘Chess Diplomacy’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर स्कोरशीट किसी मुकाबले में चली चालों का रिकॉर्ड होती है, लेकिन सिंदारोव की यह स्कोरशीट अब दो देशों के बीच संबंधों की कहानी का हिस्सा बन गई है।

नारंग के मुताबिक, गोवा में मिली जीत से शुरू हुआ इसका सफर प्रधानमंत्री मोदी के हाथों उज़्बेक राष्ट्रपति तक पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि खेल किस तरह लोगों और देशों को जोड़ सकता है।

सिंदारोव की जीत ने बदली पूरी तस्वीर

2025 FIDE World Cup में सिंदारोव की सफलता उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुई। विश्व कप जीतने के बाद उन्हें Candidates Tournament में जगह मिली। उन्होंने आगे चलकर Candidates भी जीता और विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में पहुंचने का रास्ता साफ किया।

अब उनका सामना भारत के डी. गुकेश से जिनेवा में होने वाले विश्व चैंपियनशिप मुकाबले में होगा। इस मुकाबले ने भारत और उज़्बेकिस्तान की युवा शतरंज प्रतिभाओं के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को और चर्चा में ला दिया है।

समरकंद में फिर दिखेगा दोनों का दम

उज़्बेकिस्तान में होने वाला 46वां Chess Olympiad भी इस प्रतिस्पर्धा को और रोचक बनाएगा। समरकंद में 15 से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीमें अपने स्वर्ण पदकों का बचाव करेंगी।

मेजबान उज़्बेकिस्तान भी मजबूत दावेदारों में शामिल होगा। ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के बीच मुकाबले सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि टीम स्तर पर भी इनकी टक्कर देखने को मिलेगी।

कूटनीति में भी दिखा सांस्कृतिक रंग

मोदी की दो दिवसीय ताशकंद यात्रा के दौरान शतरंज के अलावा पारंपरिक भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने मिर्जियोयेव को चंदन की शत तंत्री वीणा और प्रीमियम कांगड़ा चाय भेंट की।

इसके जवाब में उज़्बेक राष्ट्रपति ने मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मानों में शामिल Order of Oliy Darajali Do’stlik से सम्मानित किया।

एक स्कोरशीट से निकला बड़ा संदेश

मोदी का यह उपहार महज एक खिलाड़ी की उपलब्धि की यादगार नहीं है। इसके जरिए खेल, संस्कृति और कूटनीति तीनों पहलू एक साथ दिखाई देते हैं।

गोवा में दर्ज हुई सिंदारोव की जीत अब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि जिस समय भारत और उज़्बेकिस्तान के युवा खिलाड़ी विश्व शतरंज में एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं, उसी दौर में उनकी उपलब्धियां दोनों देशों के रिश्तों को जोड़ने का माध्यम भी बन रही हैं।

Updated on:
02 Sept 2026 09:54 am
Published on:
02 Sept 2026 09:46 am