
Asian Para Games 2026 India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एशियन पैरा गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के परिवारों, कोच और ट्रेनर्स के योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और देश में तैयार हो रहे खेल इकोसिस्टम का नतीजा है कि भारत का पदक आंकड़ा 14 से बढ़कर 114 तक पहुंच गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2010 के पैरा एशियन गेम्स में भारत ने केवल एक गोल्ड मेडल जीता था और कुल 14 पदक हासिल किए थे। इसके मुकाबले इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने 114 पदक जीतकर नया मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बताया कि भारत ने इस बार 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल जीते। खिलाड़ियों ने पांच नए वर्ल्ड रिकॉर्ड और नौ एशियन रिकॉर्ड भी बनाए। पीएम ने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और देश में विकसित हो रहे खेल इकोसिस्टम का परिणाम है।
उन्होंने महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। पीएम के मुताबिक, प्रतियोगिता में शामिल 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने पदक जीते। वहीं, चार स्पर्धाओं में पोडियम की तीनों जगहों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने नौ गोल्ड मेडल जीते। ऐसा लगा कि खिलाड़ियों ने तय कर लिया था कि खेल खत्म होने तक गोल्ड जीतने का सिलसिला जारी रखना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार उन खेलों में भी गोल्ड मेडल जीते, जिनमें देश को पहले कभी सफलता नहीं मिली थी। पीएम मोदी ने पैरा शूटिंग में मोना अग्रवाल के वर्ल्ड रिकॉर्ड और हनी के अपने पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने का जिक्र किया। उन्होंने हिमांशु, रवि और जहान के प्रदर्शन की भी सराहना की।
पीएम मोदी ने गोल्ड मेडल जीतने वाले भाला फेंक पैरा एथलीट रिंकू हुड्डा के संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एशियन पैरा गेम्स से दो महीने पहले रिंकू ने अपनी मां को खो दिया था। इस गहरे दुख के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता।
पीएम मोदी ने कहा कि पदक जीतने के बाद रिंकू ने अपनी मां की तस्वीर हाथ में उठाकर यह मेडल उन्हें समर्पित किया। इस पल ने देशवासियों को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियां हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब देश ने बड़े लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया, तब खेलों की स्थिति अलग थी। उस समय कई माता-पिता अपने बच्चों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने से हिचकिचाते थे।