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गोकुल के सियासी संग्राम में उद्धव ठाकरे की एंट्री, सतेज पाटिल को दिया साथ का भरोसा, 9 नवंबर को निकलेगा संघर्ष मोर्चा

Gokul Milk Union: कोल्हापुर के गोकुल दूध संघ के सत्ता विवाद में अब सियासी टकराव बढ़ गया है। सतेज पाटिल ने 9 नवंबर को संघर्ष मोर्चा निकालने का ऐलान किया है, वहीं उद्धव ठाकरे ने भी उन्हें समर्थन दिया है।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 5 Nov 2026, 6:15 PM IST

uddhav thackeray

कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। फाइल फोटो- पत्रिका

Gokul Election Dispute: महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गोकुल दूध संघ को लेकर सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है। दूध उत्पादकों से जुड़े इस संघ के चुनाव में बहुमत मिलने के बावजूद सत्ता से दूर किए जाने के आरोपों के बीच अब विपक्ष ने सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल ने 9 नवंबर को कोल्हापुर में संघर्ष मोर्चा निकालने का ऐलान किया है। इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी फोन पर पाटिल से बात कर इस लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया है।

महायुति सरकार के फैसले पर नाराजगी

सतेज पाटिल ने गुरुवार को मुंबई में पत्रकार वार्ता कर महायुति सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गोकुल के चुनाव में राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी को बहुमत मिला था। इसके बावजूद सरकार ने नए नियमों के जरिए सत्ता का गणित बदलने की कोशिश की है। यह कोल्हापुर के दूध उत्पादकों के फैसले का अपमान है। पाटिल ने बताया कि 9 नवंबर को सुबह दस बजे कोल्हापुर के दसरा चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक संघर्ष मोर्चा निकाला जाएगा।

राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

उन्होंने लोगों और दूध उत्पादकों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। साथ ही साफ किया कि सरकार के फैसले के खिलाफ अदालत में लड़ाई जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी आंदोलन किया जाएगा। इस बीच उद्धव ठाकरे ने पाटिल को फोन कर समर्थन जताया। राहुल गांधी भी गोकुल के मामले में सरकार के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसानों ने भाजपा को हराया तो नियम बदलकर बहुमत छीनने की कोशिश की गई।

महायुति में भी मतभेद

दूसरी ओर शासन की ओर से नियुक्त होने वाले संचालकों के मुद्दे पर महायुति में भी मतभेद सामने आए हैं। शिवसेना के शिंदे गुट ने कथित तौर पर इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उसकी राय है कि चुनाव में जनता ने जिन्हें चुना है, उनके जनादेश का सम्मान होना चाहिए। चार नए सदस्यों को मतदान का अधिकार देने के मुद्दे पर शिंदे गुट भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस की राय से सहमत नहीं बताया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में सतेज पाटिल ने मंत्री हसन मुश्रीफ और चंद्रकांत पाटिल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गोकुल की सत्ता अपने हाथ में लेने की योजना इन्हीं नेताओं ने बनाई है। मुश्रीफ के आरोपों का जवाब देते हुए पाटिल ने कहा कि दोस्ती की बात करने वाले ही गद्दारी कर रहे हैं। अब इस विवाद पर 9 नवंबर के मोर्चे और 10 नवंबर को होने वाली अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।