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PM मोदी को झालमुड़ी बेचने वाला निकला SPG कमांडो? जानें सोशल मीडिया पर वायरल फोटो का असली सच

Fact Check: क्या झारग्राम में पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाला शख्स SPG कमांडो था? सोशल मीडिया पर वायरल फोटो और ममता बनर्जी के दावों का सच सामने आ गया है।

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Apr 23, 2026
PM Modi Jhalmuri Seller Fact Check (AI Image)

PM Modi Jhalmuri Seller Fact Check: पश्चिम बंगाल के झारग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झालमुड़ी खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन इस वीडियो के साथ एक ऐसी तस्वीर और दावा वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर इंटरनेट तक खलबली मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाला कोई मामूली दुकानदार नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा में तैनात एक SPG (Special Protection Group) का जवान था।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान के बाद इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया है। आखिर क्या है इस वायरल फोटो और दावे के पीछे का पूरा सच? आइए जानते हैं इस फैक्ट चेक रिपोर्ट में।

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क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक तरफ पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाते हुए दुकानदार की फोटो है और दूसरी तरफ एक SPG कमांडो की। कैप्शन में लिखा है, "फुल टाइम SPG और पार्ट टाइम झालमुड़ी विक्रेता।" मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक जनसभा में आरोप लगाया कि पीएम मोदी का झालमुड़ी खाना स्टेज्ड यानि पूर्व नियोजित था और उसे एक कमांडो ने बनाया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दुकान में पहले से कैमरे कैसे लगे थे?

वायरल फोटो में दिख रहे कमांडो की असली कुंडली

जब इस दावे की पड़ताल की गई, तो कहानी कुछ और ही निकली। झालमुड़ी बेचने वाले शख्स का नाम विक्रम साव है। वह मूल रूप से बिहार के गया जिले का रहने वाला है। विक्रम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह पिछले कई सालों से झारग्राम में सड़क किनारे झालमुड़ी बेचकर अपना गुजारा कर रहा है। उसने केवल कक्षा 9 तक पढ़ाई की है और उसका सुरक्षा बलों या SPG से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।

PIB ने बताया इसे फेक न्यूज

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार की एजेंसी PIB (Press Information Bureau) ने भी इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है। PIB फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट करते हुए इस दावे को पूरी तरह से फर्जी बताया है। जांच में पाया गया कि वायरल फोटो में दिख रहा कमांडो और दुकानदार दो अलग-अलग व्यक्ति हैं जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है।

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