
दिल्ली की सत्ता और सड़कों पर इस समय जबर्दस्त हलचल है। एक तरफ नीट (NEET) परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ संसद भवन के अंदर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने देश का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ा दिया है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के सर्वोच्च नेता शरद पवार और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात इसलिए सामान्य नहीं मानी जा रही है, क्योंकि ठीक 24 घंटे पहले यानी मंगलवार को शरद पवार और सुप्रिया सुले जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों और CJP के मंच पर नजर आए थे।
जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज के बाद घायल छात्रों से मिलने पहुंचे शरद पवार ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने साफ कहा था कि “लोकतंत्र में छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी संवेदनशील माँगों पर विचार करना चाहिए।” NCP (SP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन भी किया था।
लेकिन, सड़कों पर सरकार को घेरने के तुरंत बाद संसद भवन के अंदर प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात ने कयासों का बाजार गर्म कर दिया है।
मुलाकात के बाद उठ रहे बड़े सवाल:
क्या शरद पवार नीट घोटाले पर छात्रों का पक्ष सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखने पहुंचे थे?
या फिर इस मुलाकात के पीछे महाराष्ट्र की राजनीति और मानसून सत्र से जुड़े कोई अन्य कूटनीतिक मायने हैं?
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