World Economic Forum 2022: प्रधान मंत्री श्री मोदी ने विश्व आर्थिक मंच पर कहा कि भारत कोरोना के मुकाबले के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में भी आशावान विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने भारत में हुए कराना टीकाकरण की भी बात कही-
World Economic Forum 2022: विश्व आर्थिक मंच (WEF) के ऑनलाइन आयोजित होने जा रहे पांच दिवसीय दावोस एजेंडा शिखर सम्मेलन के पहेल दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विश्व के हालात’ विषय संबोधन दे रहे हैं। ‘दावोस एजेंडा’ शिखर सम्मेलन का आयोजन लगातार दूसरी साल डिजिटल तरीके से हो रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जुटे दिग्गजों का 130 करोड़ भारतीयों की तरफ से स्वागत करता हूं।
उन्होंने कहा कि भारत कोरोना के मुकाबले के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में भी आशावान विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत आज सिर्फ एक साल में ही 160 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज देने के आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश ने दुनिया को लोगों को लिए आशा से भरा हुआ बुके दिया है।
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आज ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विचार के साथ आगे बढ़ रहा है। टेलीकॉम, इंश्योरेंस, डिफेंस और एरोस्पेस के अलावा, भारत के पास आज सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं।
आने वाले समय के लिए नीतियां बना रहा भारत:
पीएम मोदी ने विश्व आर्थिक मंच के वर्चुअल सम्मेलन में कहा कि आज भारत वर्तमान के साथ ही अगले 25 वर्षों के लक्ष्य को लेकर नीतियां बना रहा है, निर्णय ले रहा है। इस कालखंड में भारत ने हाई ग्रोथ के, वेलफेयर और वेलनेस की सैचुरेशन के लक्ष्य रखे हैं। ग्रोथ का ये कालखंड ग्रीन भी होगा, क्लीन भी होगा, सस्टेनेबल भी होगा, रिलाइबल भी होगा।
पीएम मोदी ने की ‘One Earth, One Health’ की बात:
पीएम मोदी ने विश्व आर्थिक मंच के वर्चुअल सम्मेलन में कहा कि कोरोना के इस समय में हमने देखा है कि कैसे भारत ‘One Earth, One Health’ के विजन पर चलते हुए, अनेकों देशों को जरूरी दवाइयां देकर, वैक्सीन देकर, करोड़ों जीवन बचा रहा है. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा pharma producer है, pharmacy to the world है
युवाओं में है entrepreneurship का जोश:
पीएम मोदी ने साथ ही में अपने भाषण में युवाओं की बात करते हुए कहा कि, भारतीय युवाओं में आज entrepreneurship, एक नई ऊंचाई पर है. 2014 में जहां भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्ट अप थे। वहीं आज इनकी संख्या 60 हजार के पार हो चुकी है। इसमें भी 80 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स हैं, जिसमें से 40 से ज्यादा तो 2021 में ही बने हैं।