भारत अमेरिका ट्रेड डील फ्रेमवर्क पर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा...
भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने शनिवार सुबह ट्वीट कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि दो महान देशों के बीच यह समझौता "हमारी साझेदारी की बढ़ती गहराई, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाती है।" उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को दोनों देशों के मजबूत संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद भी दिया।
पीएम के अनुसार यह भारत के मेहनती किसानों, MSME, स्टार्टअप , मछुआरों और अन्य लोगों के लिए नए अवसर खोलकर Make In India को मजबूत करेगा। साथ ही इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
ट्रेड डील में मुख्य भूमिका निभाने वाले कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। इससे भारतीय निर्यातकों- विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे। निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।'
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रॉकल टैरिफ घटाकर 18 फीसदी करेगा। इससे दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी में कपड़े, चमड़ा व फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान होगी। वहीं, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण, विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य किए जाएंगे।
व्हाइट हाउस के अनुसार, भारत अमेरिका से आने वाले सभी इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स, कई खाद्य और कृषि वस्तुओं पर टैरिफ खत्म या कम करेगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु आहार के लिए रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल, तंबाकू, सब्जियों और मांस जैसे कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है।