Poisonous Liquor Case: गुजरात में जहरीली शराब के कारण अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया गया है।
गुजरात में शराबबंदी है इसके बावजूद लोग किसी न किसी जुगाड़ से शराब पीने का जरिया ढूंढ रहे हैं। यही जरिया अब कुछ लोगों पर भारी पड़ गया है। यहाँ शराब तस्करों से शराब खरीदकर पीने से 28 लोगों की मौत हो गई है जबकि अभी भी दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती में। इनमें से कई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अब इस मामले में गुजरात पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने खुलासा किया है जिस फैक्ट्री से इन लोगों ने शराब खरीदी थी उसने जहरीली शराब की बजाय सीधा केमिकल ही पीने के लिए दे दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
10 लोग गिरफ्तार
SIT की जांच के अनुसार, 'Emos नाम की एक कंपनी ने मिथाइल की आपूर्ति की थी जो पीड़ितों द्वारा पी गई जहरीली शराब में मौजूद थी। गोदाम प्रबंधक जयेश उर्फ राजू ने अपने रिश्तेदार संजय को 60,000 रुपये में 200 लीटर मिथाइल की आपूर्ति की थी।' अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
संजय और उसके सहयोगी पिंटू ने तब देशी शराब के नाम पर मिथाइल और केमिकल से भरे पाउच लोगों को बेच दिए थे। इसे पीने के बाद दर्जनों लोग बीमार हो गए और कइयों की मौत हो गई है। पुलिस ने जानकारी दी की एमोस कंपनी द्वारा कुल 600 लीटर मिथाइल की आपूर्ति की गई थी, जिसमें से पुलिस ने लगभग 450 लीटर जब्त कर लिया है।
पुलिस फिलहाल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करेगी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या के तहत एक्शन लिया जाएगा।
बता दें कि गुजरात के बोटाद जिले के रोजिद गांव में जहरीली शराब पीने से अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 40 से अधिक अभी भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।