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प्रेमिका की बातों में आया राजेश, फिर भाई ने मारी गोली और काट दिया सिर, सहरसा हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा

बिहार के सहरसा में राजेश हत्याकांड मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। जानिए क्या है पूरा मामला...

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Feb 17, 2026
सहरसा में प्रेम प्रसंग में हत्या (फोटो-AI)

बिहार के सहरसा में हुए जनघन्य हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। राजेश की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई। दरअसल, राजेश का प्रेम प्रसंग बीरबल नाम के युवक की शादीशुदा बहन से चल रहा था। बीरबल इस बात को लेकर राजेश से नाराज रहता था। इसे परिवार की इज्जत से जोड़कर खत्म करना चाहता था। इसलिए उसे राजेश की हत्या के लिए पहले से प्लानिंग की।

राजेश हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी दर्शन कुमार ने पुलिस को बताया कि हमने राजेश को रास्ते से हटाने के लिए बीरबल और प्रिंस के साथ मिलकर पहले से योजना बनाई थी कि राजेश को शादी का झांसा देकर सहरसा बुलाया जाएगा। दर्शन ने कहा, 'हमने राजेश को फोन किया। कहा कि घर वाले उसके और बीरबल की बहन की शादी के लिए मान गए हैं। तुम जल्दी सहरसा आ जाओ। हम उसे स्टेशन पर मिले। फिर बाइक पर बैठाया और घुमाने के बहाने नदी किनारे ले गए। यहां राजेश की पिटाई की, फिर प्रिंस ने गोली मारी और हमने गला काटकर उसकी हत्या कर दी।”

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प्रेमिका की बातों पर भरोसा कर बेंगलुरु से सहरसा पहुंचा

दर्शन ने पुलिस को बताया कि बीरबल ने अपनी बहन से राजेश को फोन करवाया। उससे कहलवाया कि घरवाले दोनों की शादी के लिए तैयार हैं। प्रेमिका की बातों पर भरोसा कर राजेश ने बेंगलुरु से पटना का टिकट कराया और 11 फरवरी को राज्यरानी एक्सप्रेस से सहरसा पहुंचा। यहां हमने चाय नाश्ता किया और फिर फिर शादी कराने के बहाने सोनबरसा थाना क्षेत्र की ओर निकल गए। जहां सुनसान रास्ते में वारदात को अंजाम दिया। दर्शन ने कहा कि हमने दोस्त की इज्जत के नाम पर साथ दिया था।

दरअसल, सहरसा के सोनवर्षा में बीते शुक्रवार को राजेश की नदी किनारे सिर कटी लाश मिली थी। इस वारदात को लेकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। साथ ही, शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी तेज से वायरल हुई। खौफनाक वारदात की जानकारी मिलते ही सहरसा एसपी हिमांशु और सिमरी बख्तियारपुर DSP मुकेश ठाकुर घटनास्थल पर पहुंचे थे। उसके बाद हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के जल्द से जल्द निर्देश दिए थे।

घर की पूरी जिम्मेदारी थी उस पर

शव को देखते ही चाचा (सौतेले पिता) ने दहाड़ मारकर रोते हुए कहा था कि वह घर में इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था। उसके ऊपर 10 लोगों की जिम्मेदारियां थी। मृतक के सौतेले पिता दशरथ ने कहा कि राजेश के पिता रामचंद्र भइया सबसे बड़े थे। उनका साल 1998 में देहांत हो गया था। उस वक्त राजेश महज 3 साल का था। इसलिए समाज व परिवार ने भाभी का शादी मुझसे करा दी, जो अब मेरी पत्नी है। राजेश ने दसवीं तक की पढ़ाई की और फिर घर की जिम्मेदारियों को देखते हुए बड़े शहर में मजदूरी करने के लिए चला गया।

वहीं, बेटे की हत्या की जब घटना मां को मालूम हुई तो वह बेसुध हो गई। होश आने पर वह बार बार कहती कि राजेश ने कहा था कि होली पर घर लौटूंगा, फिर लाश बनकर क्यों आया? मैं अब उसके बिना कैसे रहूंगी?

Published on:
17 Feb 2026 07:00 am
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