Politics: : सुनेत्रा को विधायक दल का नेता चुना गया है, वह आज ही डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी। इसके लिए वह राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे रही हैं।
Oath Ceremony: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन बहुत अहम और चौंकाने वाला साबित हुआ है। सियासी गलियारों में चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए सुनेत्रा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इस बड़े फैसले के साथ ही यह साफ हो गया है कि अब वे राज्य की सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। खबर है कि वह आज ही डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) पद की शपथ लेने वाली हैं। जानकारी के अनुसार विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला आज सुबह बुलाई गई पार्टी के विधायक दल की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी विधायकों ने एक सुर में स्वीकार कर लिया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सुनेत्रा के नाम का प्रस्ताव आते ही सभी ने मेज थपथपा कर इस प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने का मतलब साफ है कि पार्टी अब उनके चेहरे को आगे रख कर नई सियासी बिसात बिछाने की तैयारी में है।
सुनेत्रा वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। संवैधानिक नियमों के मुताबिक, राज्य में मंत्री या डिप्टी सीएम का पद संभालने के लिए उन्हें संसद की सदस्यता छोड़नी होगी। जानकारी के मुताबिक, वह आज ही राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं। इसके बाद वह पूरी तरह से राज्य की राजनीति पर फोकस करेंगी।
राजनीतिक घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला है कि शपथ ग्रहण के लिए भी ज्यादा वक्त नहीं लिया जा रहा है। राजभवन में आज ही एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में सुनेत्रा डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगी। प्रशासन ने शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनके साथ कुछ अन्य नेताओं के भी मंत्री बनने की चर्चा है, लेकिन अभी सबकी निगाहें सुनेत्रा की 'ताजपोशी' पर टिकी हुई हैं।
जैसे ही यह खबर बाहर आई, पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ समर्थक अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि सुनेत्रा के नेतृत्व में पार्टी और सरकार विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।
समर्थकों का कहना है: "यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। सुनेत्रा जी का अनुभव राज्य के विकास में काम आएगा।"
विपक्ष का हमला: विपक्षी दलों ने इस जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "अचानक नेतृत्व परिवर्तन यह दर्शाता है कि सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यह केवल सत्ता का संतुलन बनाने की कोशिश है।"
राजनीतिक विश्लेषक: जानकारों का मानना है कि यह फैसला आगामी चुनावों को ध्यान में रख कर किया गया है। पार्टी एक मजबूत चेहरे के जरिये वोट बैंक को साधना चाहती है।
इस्तीफा कब?: अगले कुछ घंटों में सुनेत्रा का राज्यसभा से इस्तीफा आधिकारिक हो जाएगा।
विभागों का बंटवारा: डिप्टी सीएम बनने के बाद सुनेत्रा को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। माना जा रहा है कि गृह या वित्त जैसे भारी-भरकम मंत्रालय उनके पास आ सकते हैं।
खाली सीट: उनके इस्तीफे से खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर पार्टी अब किसे मौका देगी, इसे लेकर भी लॉबिंग शुरू हो जाएगी।
सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाने के पीछे सबसे बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' महिला वोटर्स को लुभाना हो सकता है। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का संदेश देकर पार्टी 'आधी आबादी' (महिला मतदाताओं) के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा, सुनेत्रा का प्रशासनिक अनुभव और उनकी सौम्य छवि का फायदा उठा कर सरकार अपनी इमेज और बेहतर करने की कोशिश करेगी। यह फैसला न केवल पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को साधेगा, बल्कि विरोधियों के लिए भी एक नई चुनौती पेश करेगा।