
Prahlad Joshi Voter List Controversy: देश की राजनीति में वोटर लिस्ट विवाद को लेकर घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने मीडिया से आगे बात करते हुए बताया कि विपक्ष ‘विद्रोह’ कर रहा है। वहीं ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में गन्ना किसानों की बैठक से पहले कर्नाटक के हुबली में प्रह्लाद जोशी के घर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- ‘लगता है आपको अभी तक समझ नहीं आया कि एक मैच्योर डेमोक्रेसी कैसे काम करती है। जब आप राज्यों में जीतते हैं तो हमारे इंस्टीट्यूशन्स की तारीफ करते हैं, लेकिन जैसे ही इंडिया आपको नेशनल लेवल पर रिजेक्ट करता है, आप ‘मोगैम्बो’ और ‘वोट चोरी’ चिल्लाते हैं। यह बचकाना ‘हेड्स आई विन, टेल्स यू चीटिंग’ वाला रूटीन थका देने वाला है। आपके पास कोई असली पॉलिसी अल्टरनेटिव्स नहीं हैं। आप असल में उन करोड़ों वोटर्स की समझ का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने यह मैंडेट चुना है। बड़े हो जाओ। अपनी पॉलिटिकल नाकामियों को छिपाने के लिए सस्ती, क्लिकबेट बातों पर भरोसा करना बंद करो। इंडिया एक सीरियस अपोज़िशन का डिजर्व करता है, न कि लगातार मीम परफॉर्मेंस का।’
बता दें सीजेपी प्रोटेस्ट के बाद सोशल मीडिया एक्स पर एक तस्वीर शेयर करते हुए ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ राहुल गांधी ने लिखा- अमित शाह की दिल्ली पुलिस खुद तो गुंडागर्दी पर उतर ही आई- RSS-BJP के असली गुंडों को भी महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है। जैसा मैंने कहा था, Mogambo Modi और उसकी सरकार जितना दबाएगी, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी - पहले से कहीं ज़्यादा। अमित शाह, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए। BJP-RSS के जितने गुंडे बुलाने हैं, बुला लीजिए। हम डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है! सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून के संरक्षक आंखों पर पट्टी डाल कर नहीं बैठ सकते। संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे!’