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आठ साल की राजनीति के बाद विधायक बने प्रशांत किशोर, नितिन नवीन और तेजस्वी के लिए बनेगे चुनौती?

Bankipur By Election Result: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को बांकीपुर विधान सभा उपचुनाव में भाजपा के नीरज कुमार से करीब 19000 वोट ज्यादा मिले हैं।
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Aug 03, 2026
Bankipur By Election
प्रशांत किशोर(फोटो-IANS)

आठ साल की राजनीतिक पारी खेलने के बाद प्रशांत किशोर आखिरकार विधायक बन गए हैं। उन्होंने बांकीपुर विधान सभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के नीरज कुमार को हरा कर अपने लिए विधान सभा का दरवाजा खोल लिया है। तीन अगस्त को 32 राउंड की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 19324 वोट से जीत मिली। उन्हें 64151 वोट मिले। भाजपा के नीरज कुमार 44827 वोट पाकर दूसरे और राजद की रेखा कुमारी 14273 मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहीं।

बांकीपुर उपचुनाव नतीजे: 200 से ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट

नाम (Candidate Name)पार्टी (Party Name)कुल वोट (Votes)
प्रशांत किशोरजन सुराज पार्टी64,151
नीरज कुमारभारतीय जनता पार्टी44,827
रेखा कुमारीराष्ट्रीय जनता दल14,273
मनोरंजन कुमार श्रीवास्तवप्रगतिशील जनता पार्टी973
तनवीर आलमराष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी864
प्रदीप कुमारभारतीय आम आवाम पार्टी781
बैजनाथ प्रसादभारतीय जवान किसान पार्टी383
अनिल दासनिर्दलीय (Independent)311
सिकंदर कुमारनिर्दलीय (Independent)264
जितेन्द्र दुबेअखिल भारतीय जन संघ257
रामबाबू प्रसादराष्ट्रीय गरीब दल240
मृत्युंजय कुमारराष्ट्रीय समाजहित दल233
सूरज कुमार यादवपीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)231
प्रेम शंकर प्रसादप्रौटिस्ट ब्लॉक, इंडिया225
मनीषा शर्माराष्ट्रीय अपना दल207

आठ साल का राजनीतिक सफर

किशोर 2018 में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में गए थे। नीतीश ने उन्हें पार्टी का उपाध्यक्ष भी बनाया था, लेकिन दोनों की निभी नहीं और कुछ ही दिनों बाद किशोर ने अपने रास्ते अलग कर लिए।

2022 में किशोर के कांग्रेस में जाने की भी खूब अटकलें लगी थीं। हालांकि, अंततः ऐसा कुछ हुआ नहीं। इससे पहले ऐसी चर्चा भी गरम हुई थी की किशोर ने कांग्रेस की चुनावी जीत के लिए प्लान बनाया था और सलाह दी थी कि कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का कोई नेता बने। उनका यह आइडिया लीक हो गया था।

कांग्रेस में जाने की अटकलें ठंडी पड़ने के साथ प्रशांत किशोर अपनी दूसरी योजना पर काम करने लगे। उन्होंने बिहार में राजनीतिक जमीन तलाशने की दिशा में काम शुरू किया। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्होंने 2024 में गांधी जयंती (2 अक्तूबर) के मौके पर अपनी पार्टी बनाई और 2025 का विधान सभा चुनाव लड़े। इसमें नाकाम रहे तो कहा कि कोशिश जारी रहेगी। इसी बीच बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य सभा जाने के बाद बांकीपुर विधान सभा सीट खाली हुई तो किशोर ने वहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया। अब वह विधायक हैं।

राजनीति में उतरने के बाद छोड़ा पुराना पेशा

खुद राजनीति में उतरने से पहले प्रशांत किशोर पार्टियों को चुनाव लड़ने में मदद करते थे और बदले में मोटा पैसा लेते थे। उन्होंने 2012 में गुजरात विधान सभा चुनाव में भाजपा/नरेंद्र मोदी के लिए यह किया था। इसके बाद 2014 में भी किया जब मोदी पहली बार भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने और जीते। 2022 में गोवा विधान सभा चुनाव के लिए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की मदद की। इसके अलावा भी कई राज्यों में अलग-अलग पार्टियों का चुनावी कैम्पेन मैनेज किया। इसके लिए उन्होंने I-PAC नाम की संस्था बना रखी थी।

बांकीपुर में जीत के मायने क्या

बिहार में सक्रिय होने के बाद किशोर ने ऐलान किया कि अब वह चुनावी रणनीतिकार का काम नहीं करेंगे। 2025 के बिहार विधान सभा चुनाव से पहले उन्होंने जन सुराज पार्टी बनाई, लेकिन चुनाव में उनकी पार्टी बुरी तरह नाकाम रही। अब बांकीपुर में उन्हें कामयाबी मिली है तो यह बिहार में उनकी राजनीति के लिहाज से बड़ा 'टर्निंग पॉइंट' है।

किशोर बिहार में जो 'राजनीतिक विकल्प' खड़ा करने की बात करते रहे हैं, उसे वह अब नई धार दे सकते हैं। विधान सभा चुनाव में उन्हें वोट नहीं देकर जनता ने एक तरह से विकल्प का उनका नारा खारिज कर दिया था। इससे उनका जो मनोबल नीचे गिरा था, किशोर की जीत से वह ऊपर उठ सकता है। इसका फायदा उठा कर किशोर बिहार में एक नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करने का अभियान और तेज कर सकते हैं। बीजेपी, जदयू और राजद के लिए यह नई चुनौती खड़ी कर सकता है। बिहार ने पिछले कई दशकों में इस तरह से किसी नई व चर्चित पार्टी का जन्म होते नहीं देखा है, जैसे जन सुराज का हुआ है। यह किसी पार्टी से टूट कर या नाराज नेता द्वारा खड़ा किया गया दल नहीं है।

बांकीपुर में लालू भी नहीं हरा पाए भाजपा को

बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत इस मायने में भी खास है कि उन्होंने बीजेपी को हराया है। उस बीजेपी को जिसे वहां से लालू भी नहीं हरा पाए। 1995 से लगातार बांकीपुर (पहले पटना पश्चिम) में बीजेपी ही काबिज रही है। तब नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के विधायक बने थे। तब से जीवन पर्यंत वह विधायक बने रहे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे नितिन नवीन वहां से भाजपा के टिकट पर विधायक बनते रहे। नवीन पहली बार 2006 में विधायक बने थे। बांकीपुर सीट 2008 में बनी थी।

कब, कौन विधायक रहे

वर्ष (Year)नाम (Name)दल / पार्टी (Party)
1957रामशरण सावइंडियन नेशनल कांग्रेस
1962कृष्ण बल्लभ सहायइंडियन नेशनल कांग्रेस
1967महामाया प्रसाद सिन्हाजन क्रांति दल
1969ए. के. सेनकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
1972सुनील मुखर्जीकम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया
1977ठाकुर प्रसादजनता पार्टी
1980रंजीत सिन्हाइंडियन नेशनल कांग्रेस
1985रामा नंद यादवनिर्दलीय (Independent)
1990रामा नंद यादवनिर्दलीय (Independent)
1995नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2000नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2005नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2005नवीन किशोर प्रसाद सिन्हाभारतीय जनता पार्टी
2006 सेनितिन नवीनभारतीय जनता पार्टी
Updated on:
03 Aug 2026 07:07 pm
Published on:
03 Aug 2026 05:41 pm