
Prashant Kishor MLA House: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर (PK) ने कहा है कि उन्हें आवंटित सरकारी आवास उनका निजी घर नहीं होगा। इसके बजाय, वह पटना के पास बिहटा में 'बिहार नवनिर्माण आश्रम' में रहेंगे, जबकि सरकारी बंगले को पब्लिक ऑफिस में बदल दिया जाएगा जो पूरी तरह से बांकीपुर के लोगों को समर्पित होगा। स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने घोषणा की कि यह व्यवस्था अगले 5-7 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि बांकीपुर का कोई भी नागरिक आपदा या प्रशासनिक संकट के समय सीधे वहां संपर्क कर सके।
बांकीपुर के लोगों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह व्यक्तिगत आराम के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक को आवंटित सरकारी आवास वास्तव में बांकीपुर के आम लोगों की अमानत है। वह बिहटा स्थित अपने आश्रम में रहते हुए अपनी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां संचालित करना चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि विधायक के आवास पर एक जन सहायता केंद्र और कार्यालय बनाया जा रहा है। जहां स्टाफ और प्रतिनिधि चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगे ताकि पुलिस की ज़्यादती, स्थानीय झगड़ों या नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर तुरंत मदद मिल सके। इसके अलावा, वार्ड स्तर पर 'जन सुराज' स्वयंसेवकों की सलाहकार समितियां भी बनाई जाएंगी।
जीत के बाद अपने चुनाव क्षेत्र से दूर रहने के आरोपों का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह बांकीपुर के युवाओं के भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार कर रहे थे। उन्होंने पढ़े-लिखे, बेरोजगार युवाओं और उनके माता-पिता से अपील की कि अगर उनके बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर खाली बैठे हैं, तो वे तुरंत अपने CV उनके ऑफिस भेजें। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि देश भर के प्रमुख उद्योगपतियों, फैक्ट्रियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के साथ अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके, वह अगले एक-दो साल में बांकीपुर के कम से कम 10,000 पढ़े-लिखे युवाओं के लिए प्राइवेट सेक्टर में नौकरी का इंतजाम करेंगे।
प्रशांत किशोर ने लोगों से अपील की कि वे हर शादी, जन्मदिन की पार्टी या औपचारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन पर दबाव न डालें और न ही रोज उनके ऑफिस आकर उन्हें माला और फूल पहनाएं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर वह अपना सारा समय मोहल्लों में सिर्फ चाय पीने और मालाएं स्वीकार करने में बिता देंगे, तो उन्हें इलाके के विकास के लिए काम करने का समय कब मिलेगा? उन्होंने बांकीपुर के लोगों से वादा किया कि भले ही वह चाय-नाश्ते वाले सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल न हो पाएं, लेकिन वह युवाओं के रोजगार और बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।