
नेता प्रतिपक्ष झारखण्ड, बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Jharkhand Student Protest: झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। एक मशहूर क्षेत्रीय कहावत का जिक्र करते हुए मरांडी ने राहुल गांधी के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों को 'लग्गी से पानी पिलाने' जैसी छलावे वाली राजनीति कर रहे हैं और दिल्ली से सिर्फ़ खोखले बयान देकर अपनी राजनीतिक ज़िम्मेदारियों से बच रहे हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ऐसा लगता है कि राहुल गांधी या तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ मिलकर JPSC और JSSC की नौकरियां बेचने की साजिश में शामिल हैं या फिर इसमें उनकी कोई भूमिका है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी खुद को बेगुनाह और छात्रों का सच्चा शुभचिंतक मानते हैं, तो उन्हें तुरंत रांची आना चाहिए, प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की शिकायतें सुननी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी सरकार CBI जांच का आदेश दे। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों को ठोस न्याय चाहिए, न कि सिर्फ राहुल गांधी के बयान।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने लिखा, "राहुल गांधी जी, झारखंड में एक कहावत है 'लग्गी से पानी पिलाना' (यानी बिना सीधे मदद किए दूर से दिखावा करना) और आप झारखंड के छात्रों के साथ ठीक यही कर रहे हैं। पिछले 17-18 दिनों से छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में नौकरी बेचने के आरोपों की CBI जांच की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, फिर भी आप सिर्फ बयान दे रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।"
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि कल रात रांची में प्रदर्शन स्थल से निहत्थे छात्रों को ज़बरदस्ती हटाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज किया और उम्मीदवारों को परेशान किया। ऐसे हालात में, राहुल गांधी का सिर्फ़ मीडिया के सामने आकर सहानुभूति जताना झारखंड के युवाओं के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस पार्टी की भूमिका का जिक्र करते हुए बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी के इरादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में सत्ता में कांग्रेस बराबर की साझेदार है। अगर राहुल गांधी सच में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, तो वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तुरंत दबाव डाल सकते हैं कि पूरे मामले की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराई जाए।
वहीं, झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने अपनी कहा कि वह राज्य के युवाओं के मुद्दे पर बिल्कुल भी शांत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा या पुलिस की बर्बरता का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर खुलकर बोल रहे हैं और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में खड़े हैं।
Updated on:
12 Aug 2026 04:06 pm
Published on:
12 Aug 2026 04:01 pm
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