IMD Alert: मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई क्षेत्रों में आंधी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर...
IMD Weather Update: देश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरणों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी, दक्षिण भारत का मौसम बार-बार बदल रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार से कई राज्यों में आंधी-बारिश का मौसम हो गया है। अगले चार दिन यानी 31 मार्च तक हिमालय रेंज के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश व बर्फबारी का दौर चलेगा।
वहीं मैदानी भागों के राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ हल्की से तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
राजस्थान के पश्चिम और पूर्वी भागों में शुक्रवार से ही बादलों का मौसम हो गया। अगले चार दिन तक छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की बारिश का मौसम रहेगा। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और तेज आंधी चलने की आशंका भी है। दिल्ली-एनसीआर में आशिंक रूप से बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। मध्यप्रदेश के अलग-अलग भागों में छिटपुट हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और छत्तीसगढ़ में अगले सात दिन तक मध्यम स्तर की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
आइएमडी ने उत्तर-पूर्वी भारत और सटे पूर्वाेत्तर भारत में 28 से 31 मार्च तक छिटपुट से लेकर व्यापक हल्की-मध्यम बारिश, असम-मेघालय में ओलावृष्टि और आंधी तथा सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में छिटपुट व भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
प्री-मानसून बारिश भारत में मानसून (जून से सितंबर) से पहले होने वाली बारिश को कहते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह मुख्य रूप से मार्च से मई महीनों में होती है। प्री-मानसून बारिश मानसून से पूरी तरह अलग है। मानसून दक्षिण-पश्चिम हवाओं से आती है और देश के बड़े हिस्से में लंबे समय तक बारिश कराती है, जबकि प्री-मानसून ज्यादातर स्थानीय गर्मी पर आधारित होती है।
प्री मानसून बारिश मुख्य रूप से संवहनी बारिश की तरह होती है। गर्मी के कारण जमीन तेजी से गर्म होती है, हवा ऊपर उठती है, नमी सोखती है और ऊंचाई पर ठंडी होकर बादल बनाती है। इससे अक्सर गरज, बिजली चमकना, तेज हवाएं और कभी-कभी ओले भी पड़ते हैं।