Presidential Election 2022: विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा कल अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। उनके नामांकन में कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की चर्चा है। बता दें कि एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुकी हैं।
Presidential Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के नामाकंन का दौर जारी है। 24 जून को एनडीए की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू ने अपना नामांकन दाखिल किया था। अब कल यानी कि 27 जून को विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यशवंत सिन्हा के नामांकन में विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की चर्चा है। यशवंत सिन्हा के नामांकन में शामिल होने के लिए एनसीपी नेता शरद पवार दिल्ली पहुंच चुके हैं।
मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार रविवार शाम दिल्ली पहुंचे। कल वो अन्य विपक्षी नेताओं के साथ यशवंत सिन्हा के नामांकन में शामिल होंगे। यशवंत सिन्हा के नामांकन में सपा नेता और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल होंगे। बीते दिनों लखनऊ में हुई सपा विधायकों की मीटिंग के बाद अखिलेश यादव ने यशवंत सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया था।
शरद पवार और अखिलेश यादव के अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारुख अब्दुल्ला के भी शामिल होने की चर्चा है। टीएमसी नेता ममता बनर्जी के बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर जिस तरह से ममता ने विपक्षी दलों को एक साथ किया था, उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि पूरे चुनाव में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
उल्लेखनीय हो कि ममता बनर्जी की अगुआई में ही विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति उम्मीदवार की तलाश शुरू की थी। सबसे पहले यह प्रस्ताव एनसीपी नेता शरद पवार को दिया गया था, उनके इंकार करने के बाद यह प्रस्ताव नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारुक अब्दुल्ला और महात्मा गांधी के परपोते गोपालकृष्ण गांधी को दिया गया था। लेकिन जब इन दोनों ने भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया तब यह प्रस्ताव यशवंत सिन्हा के पास गया।