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सावधान! भारत में 7 साल में 3 गुना बढ़े दिल के मरीज, महिलाओं को अधिक खतरा, युवा भी सेफ नहीं, NSO की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

भारत में दिल की बीमारी से जुड़े मामले तेजी से बढ़े हैं। हृदय रोग संबंधी बढ़ती मरीजों की संख्या को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। NSO की रिपोर्ट काफी चिंताजनक है।

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भारत

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Vinay Shakya

May 01, 2026

Heart disease

भारत में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़े रहे हैं (सांकेतिक AI इमेज)

National Statistical Organization report: भारत में दिल की बीमारी अब एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपादा बनती नजर आ रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) के वर्ष 2025 के ताजा सर्वे 'हाउसहोल्ड सोशल कंजम्पशन: हेल्थ' में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 7 वर्षों में देश में दिल के मरीजों की संख्या लगभग 3 गुना बढ़ गई है। सबसे अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवा भी दिल की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

हर साल तेजी से बढ़ रहे दिल के मरीज

भारत में दिल की बीमारी से जुड़े मामले तेजी से बढ़े हैं, यह काफी चिंताजनक है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, कुल बीमारियों में हृदय रोगों की हिस्सेदारी 25.6% हो गई है, जो अन्य सभी बीमारियों की तुलना में सबसे अधिक है। साल 2017-18 में प्रति 1 लाख आबादी पर दिल की बीमारियों के 1,333 मामले थे, वहीं अब 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,891 हो गई है।

बीमार होने की दर महिलाओं में करीब 4 फीसदी ज्यादा

सर्वे के अनुसार, दो हफ्तों में लगभग 13.1 प्रतिशत भारतीयों ने बीमार होने की जानकारी दी है। इस अवधि में प्रति 1,00,000 आबादी पर बीमारियों के कुल 15,217 मामले दर्ज किए गए। यह उच्च संख्या स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि कई लोग एक साथ एक से अधिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। लिंग के आधार पर तुलना करें तो महिलाओं में बीमारियों का यह आंकड़ा प्रति लाख 17,006 (17%) दर्ज किया गया, जो पुरुषों के मामले में दर्ज 13,504 (13.5%) की तुलना में काफी अधिक पाया गया है।

दिल और डायबिटीज के मरीज सबसे अधिक

  • एक लाख आबादी में हृदय संबंधी रोग- 3,891
  • एक लाख आबादी में उच्च रक्तचाप के मरीज- 3,358
  • एक लाख आबादी में अन्य हृदय रोगों के मरीज- 533
  • एक लाख आबादी में मेटाबॉलिक समस्याएं (मधुमेह/डायबिटीज आदि) के मरीज- 3,681
  • एक लाख आबादी में श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीज-1,536
  • एक लाख आबादी में हड्डी एवं जोड़ों का दर्द से पीड़ित मरीज- 1,226

युवाओं पर हृदय रोग संबंधी बीमारियों का प्रभाव

  • आयु वर्ग 0 से 4 वर्ष तक- 0.3% मरीज
  • आयु वर्ग 5 से 14 वर्ष तक- 0.2% मरीज
  • आयु वर्ग 15 से 29 वर्ष तक- 2.1% मरीज
  • आयु वर्ग 30 से 44 वर्ष तक- 15.3% मरीज
  • आयु वर्ग 45 से 59 वर्ष तक- 30.1% मरीज
  • आयु वर्ग 60 से अधिक वर्ष तक- 37.8% मरीज

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