
भारत में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़े रहे हैं (सांकेतिक AI इमेज)
National Statistical Organization report: भारत में दिल की बीमारी अब एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपादा बनती नजर आ रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) के वर्ष 2025 के ताजा सर्वे 'हाउसहोल्ड सोशल कंजम्पशन: हेल्थ' में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 7 वर्षों में देश में दिल के मरीजों की संख्या लगभग 3 गुना बढ़ गई है। सबसे अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवा भी दिल की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
भारत में दिल की बीमारी से जुड़े मामले तेजी से बढ़े हैं, यह काफी चिंताजनक है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, कुल बीमारियों में हृदय रोगों की हिस्सेदारी 25.6% हो गई है, जो अन्य सभी बीमारियों की तुलना में सबसे अधिक है। साल 2017-18 में प्रति 1 लाख आबादी पर दिल की बीमारियों के 1,333 मामले थे, वहीं अब 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,891 हो गई है।
सर्वे के अनुसार, दो हफ्तों में लगभग 13.1 प्रतिशत भारतीयों ने बीमार होने की जानकारी दी है। इस अवधि में प्रति 1,00,000 आबादी पर बीमारियों के कुल 15,217 मामले दर्ज किए गए। यह उच्च संख्या स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि कई लोग एक साथ एक से अधिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। लिंग के आधार पर तुलना करें तो महिलाओं में बीमारियों का यह आंकड़ा प्रति लाख 17,006 (17%) दर्ज किया गया, जो पुरुषों के मामले में दर्ज 13,504 (13.5%) की तुलना में काफी अधिक पाया गया है।
Updated on:
01 May 2026 06:06 am
Published on:
01 May 2026 05:56 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
