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प्रियंका गांधी ने इजरायल हमले में 5 पत्रकारों की हत्या को बताया ‘जघन्य अपराध’, ’60 हजार की हत्या पर BJP सरकार की चुप्पी शर्मनाक’

कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi ने अल-जजीरा के 5 पत्रकारों की हत्या पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह जघन्य अपराध है। इजरायल की फिलीस्तीन पर लगातार हमले पर भारत सरकार की चुप्पी की भी कड़ी आलोचना की है।
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Aug 12, 2025
Priyanka Gandhi Vadhra on Israel Mass Killing
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Photo:Ians)

Priyanka Gandhi On Israel: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इजरायल के हमले में अल-जजीरा के 5 पत्रकारों की मौत (Al Jazeera 5 journalist killed by Israel) को जघन्य अपराध बताया है। उन्होंने हमलों को लेकर कहा कि इजरायल नरसंहार कर रहा है। इस बीच, प्रियंका वाड्रा ने भारत सरकार पर भी निशाना साधा।

'सच्ची पत्रकारिता क्या है, यह बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया'

कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अल जजीरा के 5 पत्रकारों की निर्मम हत्या फिलिस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है। जो लोग सत्य के लिए खड़े होने की हिम्मत करते हैं, उनका असीम साहस इजरायल की हिंसा और घृणा से कभी नहीं टूटेगा। ऐसी दुनिया में जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है, इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"

60 हजार लोगों की हत्या में 18,430 बच्चे भी शामिल

प्रियंका वाड्रा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "इजरायल नरसंहार कर रहा है। उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और लाखों लोगों को भूख से मरने की धमकी दे रहा है।"

फिलीस्तीन की तबाही पर भारत की चुप्पी शर्मनाक: प्रियंका

भारत सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा, "चुप रहकर और निष्क्रियता से इन अपराधों को बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार चुप बैठी है, जबकि इजरायल फिलिस्तीन के लोगों पर यह तबाही मचा रहा है।"

मृतकों में से एक पत्रकार आतंकी ग्रुप का प्रमुख, इजरायल का दावा

हालांकि, 5 पत्रकारों की मौत पर इजरायल का दावा है कि अल-जजीरा का रिपोर्टर अनस अल-शरीफ हमास के एक आतंकी ग्रुप का प्रमुख था। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने पुष्टि की कि उन्होंने शरीफ को निशाना बनाया था। अल-शरीफ अपने चार सहयोगियों, मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम जहीर, मोअमेन अलीवा और मोहम्मद नौफल के साथ मारा गया।

आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि शरीफ इजरायली नागरिकों और सेना पर रॉकेट हमलों को अंजाम दे रहा था। आईडीएफ ने दावा किया कि उनके पास ऐसे हमास दस्तावेज हैं, जो दिखाते हैं कि वह 2019 में समूह की एक इकाई में था।

(स्रोत-आईएएनएस)

Updated on:
12 Aug 2025 01:05 pm
Published on:
12 Aug 2025 12:40 pm