
Priyanka Gandhi on Ram Temple Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले पर अब सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को 'बेहद दुखद' और 'शर्मनाक' बताया है। शनिवार को केरल के वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रियंका गांधी ने कहा कि जिन लोगों पर चंदा जुटाने और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उनकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों लोगों ने श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ बड़े उद्योगपतियों ने ही नहीं, गरीब लोगों और महिलाओं ने भी अपनी बचत से मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया था। ऐसे में यदि दान राशि में गड़बड़ी हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा, "यह वास्तव में बेहद दुखद और शर्मनाक है। देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था और अब उसी धन की चोरी की खबरें सामने आ रही हैं। सरकार को इसकी पूरी जांच करानी चाहिए कि आखिर क्या हुआ, कैसे हुआ और क्यों हुआ।"
प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर दान की रकम की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्था या लोगों ने देशभर से चंदा जुटाया है तो उस धन को सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी है। अगर इसमें कोई लापरवाही या गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि में गड़बड़ी का मामला जून की शुरुआत में सामने आया था। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जून की रात अयोध्या में एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।