प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम की हिमंता सरकार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। क्या है पूरा मामला? आइए नज़र डालते हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को गुवाहाटी में असम की हिमंता सरकार के खिलाफ 20-सूत्रीय 'जनता का आरोप-पत्र' नाम से चार्जशीट जारी की। यह दस्तावेज़ असम विधानसभा चुनावों से पहले तैयार किया गया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार पर भ्रष्टाचार, 'सिंडिकेट राज', बेरोजगारी, नफरत और जनता की उपेक्षा के आरोप लगाए गए। कांग्रेस सांसद प्रदीप्त बोर्डोलोई की अध्यक्षता वाली समिति ने राज्य भर से जनता की राय लेकर इसे बनाया।
प्रियंका ने कहा कि तीन महीने तक जनता से संवाद करने के बाद यह चार्जशीट बनी है। इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि प्रदेश की जनता यह अन्याय अब और नहीं सहेगी। उन्होंने साथ मिलकर असम को हिमंता सरकार से आज़ादी दिलाने की मांग की।
सभा में प्रियंका के साथ कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल, जितेन्द्र सिंह, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी.के.शिवकुमार, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद इमरान मसूद समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले प्रियंका ने माँ कामख्या मंदिर में दर्शन कर देश में अमन-चैन और विकास की प्रार्थना की।
गोगोई ने कहा कि यह चार्जशीट जनता की भावनाओं को दर्शाती है। इस दस्तावेज़ को कांग्रेस असम चुनाव में बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल करने की रणनीति के साथ आगे बढ़ने वाली है।