
अजित पवार। (Photo: X/NCP)
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान लेने वाले लीयरजेट 45 (VT-SSK) विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती दुर्घटना में शामिल विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि 28 जनवरी को बारामती प्लेन क्रैश की जांच पर प्रारंभिक रिपोर्ट हादसे के 30 दिनों के भीतर जारी की जाएगी। ऐसे में 27 फरवरी तक जांच रिपोर्ट जारी होने की उम्मीद है। ICAO मानकों के अनुसार 30 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का यह बयान रोहित पवार द्वारा DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू पर लगाए गए गंभीर आरोपों के ठीक एक दिन बाद आया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालित की जा रही है।
इसके साथ ही, DGCA को निर्देश दिए गए हैं कि वे VIP और VVIP उड़ानें संचालित करने वाले अन्य ऑपरेटरों और हवाई अड्डों की भी विशेष जांच करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की अटकलों से बचें और आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार करें।
इससे पहले दिवंगत नेता अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार ने भी बुधवार को इस दुर्घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश या गंभीर चूक की आशंका जताई थी। उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए तर्क दिया कि विमान का ब्लैक बॉक्स इतनी आसानी से नष्ट नहीं हो सकता है। जय पवार ने विमान संचालक कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
Updated on:
20 Feb 2026 07:41 am
Published on:
20 Feb 2026 07:39 am
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