Priyanka Gandhi: कांग्रेस में प्रियंका गांधी का सियासी कद लगातार बढ़ाया जा रहा है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनकी भूमिका को विस्तार देने के लिए पार्टी के भीतर चर्चा हुई। इसके बाद सोनिया व गांधी परिवार ने प्रियंका को लेकर कई बड़े फैसले लिए।
Priyanka Gandhi: कांग्रेस में नेतृत्व पर बहस के बीच क्या पार्टी में प्रियंका गांधी वाड्रा का कद बढ़ाया जा रहा है? क्या उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है? असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रियंका को स्क्रीनिंग कमेटी की कमान देकर तथा उत्तर प्रदेश में उनके जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को पार्टी की ओर से बाकायदा 100 दिन के कार्यकम शुरू करना कांग्रेस की सियासत के नए संकेत दे रही है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि संसद के शीतकालीन सत्र में प्रियंका के प्रदर्शन के बाद उनकी भूमिका को विस्तार देने के लिए पार्टी के भीतर चर्चा हुई। बाद में गांधी परिवार की सहमति से ही प्रियंका को लेकर पार्टी ने बड़े फैसले किए हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले तीन-चार माह में यह स्पष्ट होगा कि पार्टी में प्रियंका की नई भूमिका सिर्फ चुनावी रणनीति है या भविष्य का नेतृत्व सौंपने की तैयारी। पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रियंका में महिला और युवा मतदाताओं को जोडऩे की ताकत है वहीं वह भाजपा के आक्रमक राष्ट्रवादी नैरेटिव का सॉफ्ट लेकिन धारदार राजनीतिक भाषा में जवाब दे सकती हैं।
पार्टी महासचिव के नाते प्रियंका के पास कोई तय जिम्मा नहीं है। पिछले संसद सत्र के दौरान सांसद प्रियंका को अवसर मिला तो उन्होंने प्रभावशाली भाषण दिया। बाद में सांसद इमरान मसूद जैसे नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री बनने तक का बयान दे दिया। अब पार्टी ने उन्हें न केवल असम में अहम जिम्मेदारी दी बल्कि उनके नजदीकी माने जाने वाले भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार, जितेंद्र सिंह, इमरान मसूद जैसे नेताओं को भी उनके साथ लगाया गया। इन घटनाक्रमों से उनकी भूमिका बढ़ाने के संकेत मिले हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जिस तरह गांधी परिवार, खासकर राहुल गांधी, पर हमला करते हैं, उससे असम विधानसभा चुनावस पार्टी के सा?थ परिवार की निजी सियासी लड़ाई बन चुका है। कांग्रेस असम चुनाव को हर हाल में जीतना चाहती है।
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे ने ‘पत्रिका’ को बताया कि राहुल और प्रियंका के धड़े की बात कहना गॉसिप और भाजपा का फैलाया एजेंडा है। गांधी परिवार का यूपी से जुड़ाव है और प्रियंका प्रभारी रह चुकी हैं। इसलिए उनके जन्मदिन पर सौ दिन के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। असम में उन्हें कमान पार्टी की रणनीति है, इससे पूरे नॉर्थ-ईस्ट में संदेश जाएगा।