बेंगलूरु ग्रामीण के नेलमंगला स्थित मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा छात्रा को कथित प्रपोज करने के बाद विवाद बढ़ गया। छात्रा और अन्य छात्रों ने हमला किया। प्रोफेसर पर पहले भी दुर्व्यवहार के आरोप थे, मामले में पुलिस जांच जारी है और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
बेंगलूरु ग्रामीण जिले की नेलमंगला तालुका के टी. बेगुर स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में हाल ही में एक गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई, जिसने पूरे परिसर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। यह मामला एक माइक्रोबायोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर से जुड़ा है, जिन पर एक छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। घटना 23 मार्च को दोपहर लगभग 1 बजे की बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो 26 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला व्यापक रूप से चर्चा में आया। जानकारी के अनुसार, संबंधित प्रोफेसर ने कक्षा के दौरान एक छात्रा से संपर्क किया, उसे चॉकलेट दी और कथित तौर पर उसे प्रपोज किया। इस व्यवहार से छात्रा असहज हो गई और उसने तुरंत आपत्ति जताई।
घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। आरोप है कि कक्षा समाप्त होने के बाद छात्रा ने गुस्से में प्रोफेसर को चप्पल से मारा। इसके बाद अन्य छात्रों ने भी हस्तक्षेप किया और प्रोफेसर का पीछा करते हुए परिसर में खड़ी एक गाड़ी के पास उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
इस घटना के बाद नेलमंगला थाने में प्रोफेसर के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस प्रोफेसर पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी कई छात्रों ने उनके अनुचित व्यवहार को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन शिकायतों के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी किया था और उनका स्पष्टीकरण मांगा था। इतना ही नहीं, प्रशासन ने एहतियातन उन्हें कैंपस में प्रवेश करने से भी रोक दिया था। बावजूद इसके, वह कथित तौर पर परिसर में दाखिल हो गए और छात्रा के साथ यह घटना हुई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए उनका परिसर में आना और इस तरह का व्यवहार करना अत्यंत गंभीर है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करता है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को पहले की शिकायतों की प्रतियां भी सौंपी हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि मामला लंबे समय से चला आ रहा था और समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। बताया जा रहा है कि यह संस्थान राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री से जुड़ा हुआ है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।