
भारी बारिश का अलर्ट (File Photo)
Meteorological: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव (Meteorological Change) देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने अपने ताजा बुलेटिन (Weather Bulletin) में देश के मौसम को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 27 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच उत्तर-पश्चिमी भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इस दौरान मैदानी इलाकों में शुष्क हवाएं चलेंगी और तापमान (Temperature Rise) में तेजी से बढ़ोतरी होगी। मौसम वैज्ञानिकों ने 28 मार्च 2026 को दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की भी संभावना जताई है।
मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 मार्च 2026 से राजस्थान, गुजरात और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (Heatwave) चलने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में 28 मार्च और 29 मार्च 2026 को अधिकतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह (Safety Advisory) दी गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह में गर्मी का यह स्तर पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो 26 मार्च 2026 की रात से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम करवट लेगा। 27 मार्च 2026 को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी (Light Snowfall) और मध्यम बारिश की संभावना है। 28 मार्च 2026 को इन राज्यों के निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जिससे बागवानी और फसलों को नुकसान पहुंचने का डर है।
दक्षिण-पश्चिम से आने वाली हवाओं के प्रभाव के कारण, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 26 मार्च से 30 मार्च 2026 तक लगातार बारिश (Heavy Rainfall) का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से 27 मार्च 2026 को मेघालय के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने (Lightning Strike) की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत में केरल और तटीय कर्नाटक में 29 मार्च 2026 को हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे बढ़ती उमस से कुछ राहत मिल सकती है।
26 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 के दौरान बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। इस चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। वहीं, जिन किसानों की फसलें कटने के कगार पर हैं, उन्हें 27 मार्च 2026 तक कटाई पूरी कर लेने या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करने को कहा गया है ताकि अचानक बारिश से नुकसान न हो।
Published on:
26 Mar 2026 09:20 pm
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