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सेवा से पृथक हजारेश्वर के 103 कर्मचारियों का मामला फिर उछला, जांच शुरू

मुरैना के पूर्व पार्षद सुरेश सिकरवार ने जिला मुख्यालय से लेकर संचालनालय भोपाल तक की शिकायत, नियम विरुद्ध प्रमोशन लेकर कर रहे नौकरी

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मुरैना के पूर्व पार्षद सुरेश सिकरवार ने जिला मुख्यालय से लेकर संचालनालय भोपाल तक की शिकायत, नियम विरुद्ध प्रमोशन लेकर कर रहे नौकरी

मुरैना. शासन द्वारा 1995 में शासनाधीन किए गए श्योपुर हजारेश्वर उमावि के सेवा से पृथक 103 कर्मचारियों का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। मुरैना के पूर्व पार्षद सुरेश सिकरवार द्वारा जिला मुख्यालय से लेकर भोपाल शिक्षण संचालनालय तक शिकायत की है, उसके बाद नए सिरे से जांच शुरू हो गई है।


हजारेश्वर के 103 कर्मचारियों को म प्र सरकार के राज्यपाल द्वारा 30 जुलाई 2009 को सेवा से पृथक कर दिया था। पृथक कर्मचारियों ने न्यायालय की शरण ली जिसमें उनको राहत मिली। उसके बाद शासन द्वारा आदेश जारी किया कि सेवा से पृथक कर्मचारियों की सेवाएं न्यायालय के अधीन रहेंगी। जिसके उपरांत रिट पिटीशन क्रमांक 298/ 2009 उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर दिनांक 6 सितंबर 2016 में 30 जुलाई 2009 के आदेश का पालन होने के कारण जिसमें शासन ने हाईकोर्ट ग्वालियर में 30 जुलाई 2009 के पालन होने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया। इसलिए खंडपीठ ग्वालियर ने यह उल्लेख करते हुए कि 30 जुलाई 2009 के आदेश का पालन हो सका है, प्रकरण शेष कुछ नहीं बचता है, इसलिए प्रकरण समाप्त किया जाता है। शिकायतकर्ता सिकरवार ने कहा है कि आयुक्त चंबल संभाग ने पूरे मामले को टीएल में ले लिया है।

कर्मचारी की मौत पर शासन ने माना अपात्र, नही हुई अनुकंपा

सेवा से पृथक 103 कर्मचारियों में से आलोक तोमर शिक्षक की असमय मृत्यु हो गई। उसके उपरांत पुत्र देवाशु तोमर द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया गया। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी श्योपुर द्वारा संयुक्त संचालक ग्वालियर से मार्गदर्शन चाहा गया, उन्होंने भोपाल से मार्गदर्शन मांगा गया। भोपाल के पत्र क्रमांक 272 भोपाल 18 फरवरी 0222 से जेडी ग्वालियर को स्पष्ट निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण 103 अपात्र कर्मचारियों से संबंधिध्त है जिसमें आलोक तोमर भी शामिल हैं, उक्त कर्मचारियों की 30 जुलाई 2009 को सेवाएं समाप्त कर दी गई, ऐसी स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं हैं।

विभाग ने 103 पद रिक्त माने फिर भी कर रहे नौकरी

कार्यालय कलेक्टर जिला श्योपुर पत्र क्रमांक एफ/ स्थापना/ शिक्षा/ 2023/ 2488 दिनांक 5 मई 2023 में 5 प्रिंसीपलों की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि म प्र शासन स्कूली शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन के आदेश क्रमांक एफ - 37-5/ 2008/ 2003 भोपाल दिनांक 30 जुलाई 2009 के अनुसार विद्यालय के 103 पद रिक्त दिखाए गए हैं। उसके उपरांत मुरैना में 103 कर्मचारियों में से गर सिंह सिकरवार की असमय मृत्यु उपरांत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों ने मोटी रकम लेकर नियम विरुद्ध पुत्र की अनुकंपा नियुक्ति कर दी है, जो जांच का विषय है।

नियम विरुद्ध बने बैठे हैं डीपीसी, कोई बीईओ

पूर्व पार्षद सुरेश सिकरवार ने कहा है कि संयुक्त संचालक ग्वालियर ने स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि 103 कर्मचारियों का प्रमोशन, क्रमोन्नति नहीं हो सकती, उसके बाद भी उक्त कर्मचारियों में से डीपीसी, बीईओ, प्राचार्य सहित अन्य पदों पर नियम विरुद्ध प्रमोशन ले लिया है। पूर्व पार्षद ने कहा है कि रामबल सिकरवार भी नियम विरुद्ध नौकरी कर रहा है। अगर अधिकारी निष्पक्षता से जांच करें तो उक्त कर्मचारियों से रिकवरी हो सकती है।

प्राचार्यों की कमेटी बनाकर कराएंगे जांच

शिकायत आवक जावक में आई होगी, मेरे पास आते ही तीन प्राचार्यों की कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

बी एस इंदौलिया, जिला शिक्षा अधिकारी