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कर्नाटक के विधायकों ने IPL देखने के लिए मांगी स्पेशल सीट, कहा-“हम VIP हैं, लाइन में खड़े नहीं हो सकते…”

कर्नाटक में IPL टिकटों को लेकर विवाद गरमाया, विधायकों ने KSCA से VIP कोटा की मांग की। विधानसभा में सत्ता और विपक्ष दोनों ने मुद्दा उठाया। नेताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा, सरकार ने समाधान का भरोसा दिया।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 27, 2026

IPL 2026

IPL 2026

IPL शुरू होने से पहले ही कर्नाटक में टिकटों को लेकर सियासत गरमा गई है। आमतौर पर जहां क्रिकेट और मनोरंजन की चर्चा होती है, वहां इस बार राजनीतिक बयानबाजी ज्यादा सुनाई दे रही है। मामला भी ऐसा है कि विधानसभा के अंदर तक पहुंच गया। दरअसल, कर्नाटक के कई विधायकों ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) से आईपीएल मैचों के लिए खास टिकट देने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जा रहा। कुछ विधायकों ने तो साफ शब्दों में कह दिया कि वे VIP हैं और उन्हें टिकट लेने के लिए लाइन में लगना मंजूर नहीं।

IPL 2026: क्या है पूरा मामला?


विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की आवाज लगभग एक जैसी रही। आर. अशोका ने KSCA पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने संघ को बेहद सस्ती दर पर जमीन दी, लेकिन बदले में वही संस्था विधायकों से टिकट के लिए मोटी रकम वसूल रही है। उनके मुताबिक, यह व्यवहार सही नहीं है और इस पर सवाल उठना चाहिए।इस पूरे विवाद के बीच विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने एक संतुलित रास्ता सुझाया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर KSCA से औपचारिक बातचीत करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब कोई विधायक मैच देखने जाए, तो कम से कम उसके परिवार के लिए भी पर्याप्त टिकट मिलनी चाहिए। सिर्फ एक टिकट देकर औपचारिकता पूरी नहीं की जानी चाहिए।

उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने ये कहा


उधर उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मसले को गंभीरता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि वे खुद KSCA से जुड़े हैं और इस मुद्दे पर अध्यक्ष से बात करेंगे। उनका यह भी कहना था कि विधायकों को अपनी मांग रखने का पूरा अधिकार है। बाद में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों को VIP ट्रीटमेंट मिलना चाहिए और उन्हें टिकट के लिए आम लोगों की तरह लाइन में खड़ा करना उचित नहीं है। क्रिकेट का रोमांच शुरू होने से पहले ही राजनीति का मैच जोर पकड़ चुका है। अब देखना यह है कि सरकार और KSCA के बीच बातचीत से यह विवाद सुलझता है या आने वाले दिनों में यह और बड़ा मुद्दा बनता है।