
Mahadev Betting Scam: Network Operated from Dubai(Image-Freepik)
Mahadev Betting Scam: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अभियुक्त सौरभ चंद्राकर व उसके साथियों की दुबई (यूएई) में बुर्ज खलीफा स्थित एक अपार्टमेंट सहित 18 अचल संपत्तियों और नई दिल्ली में स्थित दो अचल संपत्तियों को अटैच किया है। अटैच संपत्तियों का बाजार मूल्य करीब 1700 करोड़ रुपए है। जांच एजेंसी के अनुसार जब्त की गई विदेशी संपत्तियाें में दुबई में हाई वेल्यू लग्जरी विला, दुबई हिल्स एस्टेट के अपार्टमेंट, बिजनेस-बे में कई उच्चस्तरीय अपार्टमेंट और एसएलएस होटल और रेजिडेंस शामिल हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मुख्य प्रमोटरों में से एक सौरभ चंद्रकार और उनके और उनके सहयोगियों विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोरा, नितिन तिबरेवाल और सुरेंद्र बागड़ी की फर्मों के नाम पर हैं जो अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से प्राप्त धन से अर्जित की गई हैं। अब तक इस मामले में कुल 4336 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क, जब्त व फ्रीज की जा चुकी हैं। इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और रायपुर की विशेष अदालत (पीएमएलए) में दायर पांच अभियोगों में 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में और भी कई खुलासे हुए हैं।
छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज जैसे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्मों से जुड़े व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद ईडी ने भी इस मामले की जांच की थी। ईडी की जांच से पता चला है कि महादेव ऐप से अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट चलाया जा रहा है जो टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों और डोमेन नामों के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा देता था। इसके मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्रकार और रवि उप्पल दुबई से सट्टेबाजी सिंडिकेट चला रहे थे जो 70-75% कमाई खुद रखते थे और बाकी हिस्सा सट्टेबाजी संचालन का प्रबंधन व पैनल चलाने वालों को देते थे। अवैध धन को हवाला क्रिप्टो और जटिल वित्तीय हेरफेर तंत्रों के माध्यम से भारत से बाहर भेजा गया और यूएई और भारत में अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।
Published on:
27 Mar 2026 02:58 am
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