थट्टांचावडी विधानसभा क्षेत्र पुडुचेरी की अहम सीट है, जहां 2021 में एन. रंगास्वामी ने बड़ी जीत दर्ज की। इस क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास कई दलों के उतार-चढ़ाव और सत्ता संतुलन में इसकी निर्णायक भूमिका को दर्शाता है।
Puducherry Election 2026: पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश का थट्टांचावडी (Thattanchavady) विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सीट पुडुचेरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और लंबे समय से राज्य की सत्ता के केंद्र में रही है। खास बात यह है कि इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व खुद राज्य के मुख्यमंत्री करते हैं, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। थट्टांचावडी सीट का राजनीतिक इतिहास विविध दलों के उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वर्ष 1974 में वी. पेत्थापेरुमल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1977 और 1990 में जनता पार्टी और जनता दल ने भी यहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस बार फिर AINRC से एन. रंगास्वामी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस से वी.वैथिलिंगम हैं।
इस सीट पर सबसे प्रमुख नाम एन. रंगास्वामी का रहा है, जिन्होंने 1991 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और बाद में कई बार इस क्षेत्र से विधायक बने। 2011 में अशोक आनंद ने ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। 2019 के उपचुनाव में के. वेंकटेशन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से जीत हासिल की। 2021 के विधानसभा चुनाव में थट्टांचावडी सीट पर एक बार फिर एन. रंगास्वामी ने अपनी मजबूत पकड़ साबित की। उन्होंने ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में 12,978 वोट (55.02%) हासिल किए। उनके मुख्य प्रतिद्वंदी के. सेतु (CPI) को 7,522 वोट (31.89%) मिले। इस चुनाव में अन्य उम्मीदवारों में नाम तमिलर कच्ची के डी. रमेश को 1,183 वोट (5.02%), मक्कल नीधि मय्यम के आर. राजेन्द्रन को 1,029 वोट (4.36%) और नोटा को 438 वोट (1.86%) मिले। रंगास्वामी ने 5,456 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की, जो कुल 23.13% का मार्जिन रहा। कुल मतदान 76.89% दर्ज किया गया, जबकि पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 30,674 थी।
थट्टांचावडी विधानसभा क्षेत्र का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि यह सीट सत्ता परिवर्तन और नेतृत्व तय करने में निर्णायक भूमिका निभाती रही है। एन. रंगास्वामी की जीत ने न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाया, बल्कि ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस की मजबूत पकड़ को भी साबित किया। कुल मिलाकर, थट्टांचावडी सीट पुडुचेरी की राजनीति का केंद्र बिंदु बनी हुई है और भविष्य के चुनावों में भी इस सीट पर सभी दलों की नजर बनी रहेगी।