
AAP Congress Clash: पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के मीडिया से बात करने के दौरान AAP विधायक जसवीर सिंह राजा गिल की नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और अन्य कांग्रेस नेताओं से झड़प हो गई। बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उन्हें बोलने नहीं दे रहे थे।
विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी कांग्रेस नेताओं के साथ विवाद में उलझ गए। इस दौरान AAP विधायक जसवीर सिंह राजा गिल की प्रताप सिंह बाजवा और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ झड़प हो गई। डॉ. बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता उन्हें बोलने नहीं दे रहे थे। विधानसभा में विपक्षी विधायकों के प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद इस तरह सत्तारूढ़ AAP और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक में बदल गया।
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में कांग्रेस विधायकों को प्रवेश से रोके जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा के अंदर गए और स्पीकर से पूछा कि विपक्ष के सभी विधायकों को आखिर क्यों रोका गया है। बाजवा ने सवाल किया कि क्या विधानसभा में सिर्फ सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों को ही आने की अनुमति है? विपक्षी दलों के सदस्यों को सदन में प्रवेश करने से रोकना कहां तक उचित है? उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
प्रताप सिंह बाजवा के मुताबिक, जब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से विपक्षी विधायकों को रोके जाने का कारण पूछा, तो स्पीकर ने जवाब दिया कि सब कुछ कानून के मुताबिक हो रहा है। इस पर बाजवा ने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसी व्यवस्था है, जिसमें विपक्ष के विधायकों को ही विधानसभा में प्रवेश करने से रोका जा रहा है? उन्होंने कहा कि क्या पंजाब विधानसभा सिर्फ आम आदमी पार्टी के लिए है? क्या विपक्षी दलों के किसी भी विधायक को सदन में आने की अनुमति नहीं है? बाजवा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए विपक्ष के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए।
विवाद के बीच कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस का आरोप था कि पार्टी विधायक सुखपाल सिंह खैरा को सदन में प्रवेश करने से रोका गया। बता दें कि सुखपाल सिंह खैरा को शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में सत्र की बाकी बैठकों के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसी कार्रवाई के बाद मंगलवार को सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच टकराव देखने को मिला।