
Punjab Congress Crisis: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी गटबाजी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। अब पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ बोल रहे है। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के सामने समर्थकों ने चन्नी जिंदाबाद के नारे लगने लगे। जिस पर पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना नाराज हो गई और मंच से चेतावनी भी दी।
बता दें कि पूर्व सीएम और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और उनके बेटे रिदमजीत ने सोशल मीडिया पर एक रील शेयर की थी। इस पर प्रदेश अध्यक्ष वड़िंग भड़क गए। उन्होंने कहा कि ज्यादा रील डालने से कोई चुनाव नहीं जीतता है। अगर नेता काम का नहीं है, तो वह चुनाव नहीं जीत सकता है। यदि सोशल मीडिया पर रील डालने से चुनाव जीता तो सिद्धू मूसेवाला चुनाव जीत जाते, उनकी एक रील के मिलियन व्यूज होते है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी दो सीटों पर चुनाव लड़े थे और दोनों पर हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि चुनाव हारने के बाद चन्नी विदेश चले गए थे। इस पर वड़िंग ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव के बाद विदेश दौरे पर नहीं गया था। मैं कांग्रेस को तब से मजबूत कर रहा हूं जब धरने पर 100 कार्यकर्ता भी नहीं होते थे।
बता दें कि रविवार को बरनाला में कांग्रेस की एक कैंपेन कमेटी की बैठक हुई। इसमें भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कुलदीप सिंह काला ढिल्लों और रजिया सुल्ताना समेत कई नेता मौजूद थे।
बैठक के शुरुआत में ही माहौल गर्म हो गया था। पूर्व सीएम चन्नी के समर्थकों ने बैठक के दौरान चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाए। जिस पर रजिया सुल्ताना नाराज हो गई। उन्होंने बैठक के दौरान माहौल खराब करने वाले लोगों को तुरंत बाहर निकालने की बात कही। जिस पर थोड़ी देर के लिए माहौल पूरी तरह से हंगामेदार हो गया।
बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान प्रदेश अध्यक्ष बदल सकता है। लेकिन हाईकमान ने पिछले दिनों एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा और चन्नी को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद चन्नी गुट नाराज हो गया और बगवात शुरू कर दी। दरअसल, चन्नी और वड़िंग के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान चल रही थी। चन्नी चाहते थे कि हाईकमान पंजाब कांग्रेस की उन्हें कमान दे।
प्रदेश में गुटबाजी बढ़ती देख हाईकमान को इस मामले में दखल देना पड़ा। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने पहले साफ कर दिया था कि प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा। यह कोई गुड्डा-गुड्डियों का खेल नहीं है।