
Punjab Assembly Resolution: पंजाब विधानसभा में ई20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल और कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के मंत्रियों ने केंद्र सरकार और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। पंजाब सरकार ने ई20 फ्यूल को लेकर केंद्र सरकार की नीति के विरोध में विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा, आज पूरे देश में ई20 फ्यूल को लेकर बहस चल रही है और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी यह मुद्दा उठाया है। पेट्रोल में ई20 इथेनॉल मिश्रित ईंधन मिलाया जा रहा है, जिससे आम लोगों के दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जनता के हितों की रक्षा करना और इस समस्या का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।" कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विधानसभा में चर्चा के बाद पारित किया गया यह प्रस्ताव ऐतिहासिक है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त है। अलग-अलग नेता अलग-अलग समस्याओं से परेशान हैं और पार्टी में ऐसा कोई नहीं है जो इन समस्याओं का समाधान कर सके।
देश में कांग्रेस एक डूबते हुए जहाज की तरह है और पंजाब में तो वह पूरी तरह डूब चुकी है। चीमा ने यह भी दावा किया कि पंजाब कांग्रेस के कई नेता आम आदमी पार्टी के संपर्क में हैं। वे हमसे मिलकर पार्टी में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, किसी भी निर्णय से पहले हम उनके राजनीतिक और सार्वजनिक रिकॉर्ड की पूरी जांच-पड़ताल कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के अधिकांश नेताओं की प्राथमिकता मुख्यमंत्री बनना है। उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता। लेकिन ऐसा लगता है कि उनके सभी नेताओं की एक ही महत्वाकांक्षा है-मुख्यमंत्री बनना। किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि पार्टी को बहुमत मिलेगा या नहीं। उनकी पूरी कोशिश सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की है, चाहे उनके पास आवश्यक संख्या बल हो या नहीं।