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Monsoon Havoc: असम, गुजरात से केरल तक बाढ़-बादल फटने का कहर, लाखों प्रभावित, राहत अभियान तेज

India Flood: बाढ़ ने देश के कई राज्यों में तबाही मचा दी है। बाढ़, बादल फटने और भारी बारिश से लाखों लोग प्रभावित हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।
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भारत

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Saurabh Mall

Aug 04, 2026

Monsoon Flood

भारत के चार राज्यों में बाढ़ और बादल फटने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त (सोर्स: आईएएनएस)

Flood Relief: देश के कई राज्यों में मानसून राहत नहीं, बल्कि बड़ी चुनौती बन गया है। गुजरात और असम में बाढ़ ने लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित की है। वहीं जम्मू-कश्मीर में लगातार बादल फटने की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। दूसरी ओर केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। हालांकि राहत और बचाव अभियान भी तेजी से चल रहे हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

गुजरात में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी तैयारी

गुजरात में बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चिंता बीमारियों को रोकने की रही। स्वास्थ्य विभाग ने हालात संभालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। राज्यभर में करीब 6,900 मेडिकल कैंप लगाए गए। इनमें 1.74 लाख से ज्यादा लोगों का इलाज किया गया। 18 हजार से अधिक सर्विलांस टीमें रोज घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। लाखों क्लोरीन टैबलेट और ओआरएस पैकेट भी बांटे गए। गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां सैकड़ों सुरक्षित प्रसव भी कराए गए।

असम में बाढ़ का असर अभी भी जारी

असम में हालात पहले से बेहतर जरूर हुए हैं, लेकिन मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इस साल अब तक बाढ़ से 87 लोगों की मौत हो चुकी है। 11.45 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रह रहे हैं। कई मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ अब पुनर्वास पर भी तेजी से काम कर रहा है। सरकार का कहना है कि हर प्रभावित परिवार को सामान्य जीवन में लौटाने की कोशिश की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में बढ़ीं बादल फटने की घटनाएं

इस साल जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटनाओं ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। अब तक 35 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 31 लोगों की जान गई। किश्तवाड़, शोपियां, कुपवाड़ा और चिनाब घाटी सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कई घर, सड़कें और पुल बह गए। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, पहाड़ों में बढ़ता निर्माण और जंगलों की कटाई जैसी वजहों से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से खतरा अभी भी बना हुआ है।

केरल में बारिश और भूस्खलन का खतरा

केरल में भी भारी बारिश लोगों के लिए मुश्किल बन गई है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। कृषि को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। हजारों किसान प्रभावित हुए हैं। सरकार ने मुआवजा बढ़ाने का फैसला लिया है। एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील कर रहा है।