
अरविंद केजरीवाल और सुधांशु त्रिवेदी (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Sudhanshu Trivedi on Arvind Kejriwal: प्रधानमंत्री आवास तक E20 फ्यूल के खिलाफ आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के मार्च पर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल बिना तथ्यों और शोध के गंभीर विषयों पर बयान देकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "अरविंद केजरीवाल खुद को IIT ग्रेजुएट और पढ़ा-लिखा नेता बताते हैं लेकिन E20 जैसे तकनीकी मुद्दे पर बिना किसी तथ्य और रिसर्च के बयान दे रहे हैं। E20 ईंधन दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल हो रहा है। इसे लागू हुए अभी चार महीने भी नहीं हुए और वे चार साल से गाड़ियां खराब होने का दावा कर रहे हैं। यह पूरी तरह भ्रम फैलाने की कोशिश है।"
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अरविंद केजरीवाल ने किसी तकनीकी विषय पर बिना तथ्यों के बयान दिया हो। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी केजरीवाल ने वैक्सीन के फॉर्मूले को सभी के साथ साझा करने की बात कही थी। त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलने से पहले तथ्यों और विशेषज्ञों की राय का ध्यान रखना चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि E20 ईंधन कोई नया प्रयोग नहीं है बल्कि दुनिया के कई देशों में इसका इस्तेमाल पहले से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे लेकर लोगों के बीच बेवजह डर और भ्रम फैलाया जा रहा है। त्रिवेदी ने कहा कि E20 नीति को लागू हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं जबकि आम आदमी पार्टी चार साल से वाहनों के खराब होने जैसे दावे कर रही है। उनके मुताबिक, इस तरह के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
दरअसल, आम आदमी पार्टी E20 पेट्रोल नीति का विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि इससे पुराने वाहनों के इंजन प्रभावित हो सकते हैं और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोबाइल कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), SIAM और अन्य तकनीकी संस्थानों के साथ व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन और चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद लागू किया गया है।
E20 नीति के विरोध में अरविंद केजरीवाल मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने पहुंचे थे। उनका कहना था कि वह 2 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना चाहते हैं। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल ने मार्च समाप्त करने का ऐलान किया लेकिन कहा कि E20 के खिलाफ पार्टी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
E20 ईंधन नीति को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उनकी पहली मांग है कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को E20 पेट्रोल और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प दिया जाए। दूसरी मांग है कि यदि सरकार E20 पेट्रोल को बढ़ावा देना चाहती है तो इसकी कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम रखी जाए। वहीं तीसरी मांग है कि देश में पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से कम की जाए। केजरीवाल का कहना है कि लोगों को अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन चुनने की आजादी मिलनी चाहिए।
Updated on:
04 Aug 2026 08:01 pm
Published on:
04 Aug 2026 07:45 pm
