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Punjab Election 2027: महिलाओं पर ‘आप’ का दांव, कांग्रेस गुटबाजी में उलझी, भाजपा नई रणनीति के साथ मैदान में

Punjab Chunav: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति गर्माने लगी है। आम आदमी पार्टी महिलाओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है, कांग्रेस गुटबाजी खत्म करने में जुटी है, जबकि भाजपा क्षेत्रवार रणनीति और नए चेहरों के सहारे पहली बार सत्ता तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।
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Updated: 27 Jun 2026, 4:08 AM IST
Punjab Election
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027(फोटो-ANI)

Punjab Election: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ राज्य की राजनीति अलग-अलग चुनौतियों के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (आप) महिलाओं को साधने के लिए नई योजनाओं पर जोर दे रही है, लेकिन मान को लेकर हालिया विवादों ने सरकार को विपक्ष के निशाने पर ला दिया है। दूसरी ओर,कांग्रेस सत्ता विरोधी माहौल का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, मगर आंतरिक खींचतान और गुटबाजी अब भी उसका पीछा नहीं छोड़ रही। वहीं, भाजपा अब तक अभेद्य रही पंजाब की लड़ाई को जीतने के लिए क्षेत्रवार सीटवार रणनीति बनाने में जुटी है। सबसे बड़ी चुनौती हिंदुत्व के लिए पहचाने जाने वाली पार्टी की छवि को पंजाबी संस्कृति की हितैषी के रूप में पेश करना है। पार्टी इसके लिए स्थानीय नेताओं के साथ ही आप से आए नेताओं को प्रमुख चेहरों के रूप में पेश कर रही है।

सत्ता बचाने की कोशिश में जुटी 'आप'

2022 में प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई 'आप' को पता है कि लगातार दूसरी बार सरकार बनाना आसान नहीं होगा। अब सरकार महिलाओं को केंद्र में रखकर रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को 1,000 से 1,500 रुपए तक प्रतिमाह दिए जाएंगे। मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध है। मान ने महिला सरकारी कर्मियों को उनके पैतृक या वैवाहिक पते से अधिकतम 40 किमी. के दायरे में पोस्टिंग देने की घोषणा की है। हालांकि, मुख्यमंत्री मान कई राजनीतिक और धार्मिक विवादों को लेकर फंस गए हैं।

कांग्रेस को उम्मीदें, लेकिन चुनौती बड़ी


कांग्रेस खुद को मान सरकार के खिलाफ सबसे मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा या आप नहीं, बल्कि उसका अपना संगठन है। प्रदेश नेतृत्व और विभिन्न गुटों के बीच मतभेद समय-समय पर सार्वजनिक होते रहे हैं। यही वजह है कि पिछले एक पखवाड़े के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और तीन सदस्यीय कमेटी पंजाब के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कर चुकी है। इसके बाद पंजाब के नेताओं ने सार्वजनिक मंच साझा कर गुटबाजी समाप्त करने के संकेत दिए हैं।

भाजपा को पहली बार किला जीतने की उम्मीद

भाजपा जहां पंजाब में व्यापक प्रभाव रखने वाले डेरों के जरिए आगे बढ़ रही हैं वहीं, 'आप' से आए राघव चड्ढा को भी आगे कर रही है। प्रकाश सिह ढिल्लों के रूप में जट्ट सिख चेहरे को आगे किया है। चड्ढा की शहरी अपील से पार्टी को लुधियाना, जलंधर, अमृतसर, जैसे शहरों में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। हाल ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीटिंग के दौरान चड्ढा को विशेष रूप से बुलाया गया था। चड्ढा और संदीप पाठक से रणनीतिक मोर्चे पर भी काम लिया जाएगा। एक उच्च पदस्थ सूत्र का कहना था कि, पंजाब में मान और आप के प्रभाव की काट करने के लिए अलग रणनीति की आवश्यकता है। इस बार पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी।

Updated on:
27 Jun 2026, 4:08 AM IST
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