
गृह मंत्री अमित शाह(फोटो-ANI)
Central Government's Plan Against Drugs: देश में अगले तीन साल में डिटेक्ट, डिसरप्ट और डेस्ट्रॉय के रोडमैप के साथ नशे के काले कारोबार और ड्रग कार्टेल से मुक्ति का लक्ष्य तय किया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नार्को-को ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड)की 10वीं बैठक में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए अगले तीन साल का विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स के खिलाफ लड़ाई में यह 3 साल तय करेंगे कि नशा हम पर विजय प्राप्त करेगा या हम नशे पर विजय प्राप्त करेंगे। उन्होंने नशे के खिलाफ सभी एजेंसियों से तीन साल में प्रभावी परिणाम दिखाने को कहा है।
अमित शाह ने कहा कि ड्रग तस्करी, संगठित अपराध, नार्को टेरर फाइनेंस और सीमापार के आतंकी नेटवर्क के साथ यह समस्या एक इवोल्विंग नार्को टेररिज्म इकोसिस्टम भी बन चुका है। नशे के अपराधी टेक्नोलॉजी नेटवर्क पर काम करते हुए मल्टी-डोमेन अपराध कर रहे हैं। हमें टेक्नोलॉजी ड्रिवन के साथ ही कठोर तरीके नेटवर्क-सेंट्रिक लड़ाई लड़नी होगी। नशे के व्यापार के प्रति कठोर और नशे के पीड़ित के प्रति सहानुभूति वाला दृष्टिकोण रखना होगा। शाह नेएनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट -2025 भी जारी की।
डिटेक्ट
सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में मानव सूचना ,टेक्निकल इंटेलिजेंस और कम्युनिटी पुलिसिंग से बाहर से आने वाली ड्रग्स को रोकना।
डिसरप्ट
अन्तरराष्ट्रीय व अन्तरराज्यीय तस्करों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने वाले गिरोह तीनों प्रकार के कार्टेल को नष्ट करना।100 प्रमुख अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल की पहचान कर खत्म करना। इसके लिए डार्क वेब मॉनिटरिंग, हवाला व क्रिप्टो ट्रांजैक्शन तथा पोर्ट-एयरपोर्ट के उपयोग पर समग्र नजर।
डेस्ट्रॉय
सोर्स ट्रांजिट, फाइनेंस और लीडरशिप के लेवल पर कानूनी प्रहार, अवैध फसलों व अवैध प्रयोगशालाओं को ढूंढ कर नष्ट किया जाना। पुराने अपराधियों व सरगना पर नियमित नजर।
पहला स्तंभ: एंफोर्समेंट, इंटेलिजेंस और ऑपरेशन्स - नेटवर्क पर इंटेलिजेंस लीड बेस्ड टार्गेटेड कार्रवाई कर नेटवर्क को नष्ट करना
दूसरा स्तंभ: प्रीकर्शर्स और सिंथेटिक ड्रग कार्टेल - उत्पादन स्तर पर ही नशे को रोका जाए।
तीसरा स्तंभ: डिमांड और नुकसान को कम करना- समाज, शिक्षा और पुनर्वास
चौथा स्तंभ: कैपेसिटी बिल्डिंग, कॉर्डिनेशन, मॉनिटरिंग – नशे के खिलाफ लड़ाई में तंत्र को सक्षम, समन्वित, जवाबदेह और आधुनिक बनाया जाना
40 से अधिक मंत्रालय, केंद्रीय एजेंसियां, राज्य सरकारें, जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान, सिविल सोसायटी और संगठन मिलकर नशीली दवाओं के खिलाफ एक समान राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के तहत काम करेंगे।
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ अभियान, ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स फ्रेमवर्क में नियामक सुधारों से फार्मेसी, दवाओं की ट्रैकिंग कर नशीले पदार्थों के गलत इस्तेमाल पर रोक। नशा छोड़ने, काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार, देश्व्यापी जागरुकता व नशामुक्त भारत अभियान
ड्रग-फ्री कैंपस - उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता, काउंसलिंग, ड्रग स्क्रीनिंग की पायलट पहल से ड्रग-फ्री कैंपस बनाना
Published on:
27 Jun 2026 02:42 am
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