
Punjab Politics: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगों को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मान सरकार और अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाए। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि भगवंत मान सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव भाटिया ने कहा कि पंजाब में करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारी, जिनमें संविदा कर्मचारी भी शामिल हैं, विभिन्न जिलों में हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 3.5 लाख पेंशनर्स भी कर्मचारियों के समर्थन में हैं।
बीजेपी नेता भाटिया ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, लंबित महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 में अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से इन मुद्दों को लेकर वादे किए गए थे, लेकिन अब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। इसी तरह कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने की बात कहे जाने के बावजूद इसके लिए अब तक कोई ठोस ढांचा तैयार नहीं किया गया है।
गौरव भाटिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस रुख पर भी सवाल उठाया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि जब तक कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेते, तब तक सरकार उनसे बातचीत नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह दबाव नहीं बनाना चाहिए। उन्हें कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए। यही लोकतंत्र की मूल भावना है।
भाटिया ने पंजाब सरकार के 29 अगस्त के एक सरकारी आदेश का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की सूची तैयार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने कर्मचारियों को DA देने, नौकरियों को नियमित करने और OPS लागू करने का वादा किया था, तो इन मांगों को पूरा करने के बजाय प्रदर्शनकारियों की सूची क्यों तैयार की जा रही है।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं का जवाब देने के बजाय कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तानाशाही जैसा व्यवहार है और भगवंत मान इसके उदाहरण हैं।