
Lovely Professional University: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और चितकारा यूनिवर्सिटी में करीब 24 घंटे के भीतर छात्रों के प्रदर्शन से तनाव की स्थिति बनी। LPU में एक छात्रा से जुड़ा अपुष्ट मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देर रात प्रदर्शन, तोड़फोड़ और हाईवे जाम की स्थिति बनी। वहीं, चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं की मौत और लापता होने से जुड़े दावे तथा एक वायरल वीडियो को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। दोनों मामलों में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों की जांच की बात कही है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में शनिवार देर रात करीब 2 बजे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप्स में एक मैसेज तेजी से फैलने लगा, जिसमें दावा किया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने परिसर की एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया है। मैसेज वायरल होते ही गर्ल्स हॉस्टल के पास हजारों छात्रों की भीड़ एकत्र हो गई और गुस्साए छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक रूप लेने लगा, जहां प्रदर्शनकारी छात्रों ने गेट और यूनिवर्सिटी संपत्ति में तोड़फोड़ की और एक वाहन में आग लगाने की खबर भी सामने आई। इसके बाद छात्र हॉस्टल से निकलकर चंडीगढ़-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग (लुधियाना-जालंधर रूट) पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मामला बिगड़ते ही कपूरथला के पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी गौरव तूरा ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे यौन उत्पीड़न के दावों की अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह मैसेज कहां से शुरू हुआ और इसके पीछे की मंशा क्या थी। दूसरी तरफ 27 सितंबर को LPU प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कैंपस में सभी छात्र-छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। यूनिवर्सिटी ने वायरल संदेशों को भ्रामक और झूठा बताते हुए छात्रों से शांति बनाए रखने और अपने हॉस्टलों में लौटने का आग्रह किया।
LPU के हंगामे के कुछ ही घंटों बाद पटियाला के राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में भी शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे छात्रों ने मोर्चा खोल दिया। यहां विवाद की वजह और भी हैरान करने वाली थी, जहां सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कैंपस में 'भूत' होने का दावा किया गया था। इसके बाद अफवाह फैली कि एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली है और उसकी आत्मा हॉस्टल में भटक रही है, वहीं कुछ छात्रों ने रात में चीखें सुनने का दावा भी किया। देखते ही देखते दो छात्राओं की मौत और उनके गायब होने की खबरें इंटरनेट पर तैरने लगीं। इसके अलावा कैंपस में एक पुजारी की मौजूदगी और रात में एंबुलेंस आने से छात्रों का संदेह और गहरा गया, जिससे नाराज होकर वे प्रशासनिक भवन के बाहर जमा हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कर्नल राकेश शर्मा ने छात्रों से सीधे बातचीत की और स्थिति साफ की। प्रशासन ने बताया कि एंबुलेंस केवल एक बीमार छात्र को अस्पताल से वापस छोड़ने आई थी, जबकि हॉस्टल आए पुजारी (पंडित जी) केवल अपनी बेटी से मिलने पहुंचे थे और उनका किसी भी घटना से कोई संबंध नहीं था। बनूड़ के डीसीपी सुखदेव सिंह ने बताया कि जब छात्रों से शिकायत ली गई, तो वे गायब बताई जा रही छात्राओं के नाम तक नहीं बता सके। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से भी परिसर में किसी भी मौत या आत्महत्या की घटना से साफ इनकार किया गया है।