
Punjab Assembly Session: पंजाब में आज होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र पर सबकी नजर टिकी हुई हैं। इसी माहौल में पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने सभी विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है, ताकि कोई भी सदस्य अनुपस्थित नहीं रहे। पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी काफी चर्चा में है। पार्टी के 7 राज्य सभा सांसदों ने पार्टी को छोड़कर बीजेपी में जॉइन होने का फैसला किया जिसके बाद सदस्यों के पार्टी छोड़ने के कारण पर लगातार चर्चा बनी हुई है। ऐसे में स्वाति मालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन करने के बाद पहली बार मीडिया से खुलकर बात की। साथ ही अपनी पुरानी पार्टी और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार पार्टी चाहती है कि हर विधायक सदन में मौजूद रहे और एक साथ अपनी बात रखे। एक विधायक ने भी बताया कि सभी को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और पार्टी लाइन का पालन करें। इसका उद्देश्य सत्र के दौरान पार्टी को मजबूत और एकजुट दिखाना माना जा रहा है।
वहीं, प्रदेश भाजपा कार्यालय में स्वाति मालीवाल ने आप नेताओं के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि असली विश्वासघाती वह नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करते थे, वही बाद में उन्हीं लोगों के साथ खड़े हो गए। मालीवाल के अनुसार अपने सिद्धांतों से हटना, जनता को गुमराह करना और अपने मूल विचारों को छोड़ देना ही असली विश्वासघात होता है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को “प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली सरकार” बताते हुए कहा कि वहां असली काम कम और दिखावा ज्यादा होता था। उन्होंने बताया कि हर सुबह एक मुद्दा तय किया जाता था और फिर पूरे दिन उसी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के निर्देश दिए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन पर काम ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन उसके प्रचार पर खूब पैसा खर्च किया गया। तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, “दो सौ रुपये का काम कर दो सौ करोड़ रुपये का प्रचार” करना इस सरकार की पहचान बन गई थी।
स्वाति ने पार्टी के अंदर के माहौल को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि अरविंद केजरीवाल का रवैया काफी सख्त और एकतरफा है, और पार्टी में नेताओं पर कई बार ऐसे काम करने का दबाव डाला जाता था जो सही नहीं लगते। इसी वजह से उन्होंने कभी चुनाव लड़कर विधायक या मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई, हालांकि उन पर इसके लिए दबाव बनाया जाता था।
मालीवाल ने यह भी कहा कि पार्टी में लोकतंत्र कम और दबाव ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में हालात पहले ही खराब हो चुके हैं और अब वही असर पंजाब में भी दिख रहा है। उनके अनुसार जिन नेताओं को दिल्ली में स्वीकार नहीं किया गया, वही अब पंजाब में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे वहां भ्रष्टाचार और अव्यवस्था बढ़ रही है। साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब सरकार में कुछ ऐसे लोग भी प्रभावशाली पदों पर हैं, जिन पर महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं।
उन्होंने बताया कि पार्टी छोड़ने का फैसला उन्होंने पार्टी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के विरोध करने पर बनाया था। उन्होंने बताया कि उन पर विरोध करने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी कानून के खिलाफ जाना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी बात ने उन्हें यह तय करने पर मजबूर कर दिया कि अब वह इस पार्टी का हिस्सा नहीं रह सकतीं।
स्वाति ने MCD मेयर चुनाव को लेकर कहा कि दिल्ली के विकास के लिए MCD बहुत जरूरी है। उनका आरोप है कि AAP सरकार ने पहले हालात खराब किए और अब चुनाव में उम्मीदवार तक नहीं उतारा। उन्होंने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में भरोसा होना चाहिए, हार के डर से चुनाव से दूर रहना सही नहीं है।