Security Alert: पंजाब में सिलसिलेवार धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। आईएसआई अब स्थानीय अपराधियों के साथ मिलकर राज्य की शांति भंग करने के लिए 'हाईब्रिड टैरर' का सहारा ले रही है।
Hybrid Terror: पंजाब में पिछले 10 दिनों में हुए तीन सिलसिलेवार धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब हाईब्रिड टैरर के जरिये राज्य की शांति भंग करने की नापाक कोशिश कर रही है। पंजाब एक बार फिर से दहशत के साये में है। राज्य में पिछले 10 दिनों के अंदर हुए तीन बड़े धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। गत 5 मई की रात को जालंधर स्थित बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर के खासा मिलिट्री कैम्प के पास कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो बड़े आईईडी विस्फोट हुए। इन घटनाओं से यह साफ तौर पर संकेत मिल रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अब स्थानीय गैंगस्टर्स और स्लीपर सेल के साथ मिल कर हाईब्रिड टैरर के जरिये पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश रच रही है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, यह आईएसआई की सोची-समझी चाल है ,ताकि पंजाब का माहौल हमेशा तनावपूर्ण बना रहे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस आतंकी नेटवर्क में खालिस्तानी चरमपंथी और स्थानीय अपराधी एक साथ मिल कर काम कर रहे हैं। खालिस्तान लिबरेशन आर्मी ने जालंधर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'ऑपरेशन नवा सवेरा' नाम दिया है। संगठन का दावा है कि यह हमला 19 वर्षीय रंजीतसिंह के पुलिस एनकाउंटर का बदला लेने के लिए किया गया है।
इन धमाकों के बाद पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रमसिंह मजीठिया ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन इन गंभीर हमलों को सिर्फ 'स्कूटर ब्लास्ट' बता कर सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, कांग्रेस के अमरिंदरसिंह राजा वड़िंग ने भी राज्य की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था के पूरी तरह से फेल होने का आरोप लगाया है और पूछा है कि पंजाब को अस्थिर करने की कोशिश कौन कर रहा है।
खुफिया एजेंसियों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी (7 मई) के आसपास बीएसएफ कैम्प पर हमले का अलर्ट पहले ही जारी किया था। इसके बावजूद ये धमाके सुरक्षा में एक बड़ी चूक माने जा रहे हैं। फिलहाल, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पंजाब पुलिस और एनआईए ने अपनी जांच तेज कर दी है। हाल ही में पुलिस ने पटियाला रेलवे ट्रैक मामला सुलझाते हुए कई गिरफ्तारियां की हैं और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के कई मॉड्यूल्स का भंडाफोड़ कर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं।
इस पूरे मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू चीनी उपकरणों का इस्तेमाल है। हाल ही में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में जासूसी के लिए चीन में बने 4G और वाई-फाई वाले सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिन्हें सोलर पावर से चलाया जाता है। इसके अलावा, पंजाब में बीते कुछ महीनों में सरपंचों और राजनीतिक नेताओं पर भी टारगेटेड हमलों में तेजी आई है। यह एक अलग तरह का खतरा है, जो राज्य के खुफिया तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।