
Khalistanis in Canada
कनाडा (Canada) की सुरक्षा खुफिया सर्विस एजेंसी CSIS ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में देश में खालिस्तानियों (Khalistanis) की वजह से पैदा होने वाले खतरे को स्वीकार किया गया। कनाडाई संसद में पेश की गई CSIS की रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा में मौजूद खालिस्तानी एक हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं।
CSIS की रिपोर्ट में बताया गया कि खालिस्तानी देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। खालिस्तानियों की हिंसक चरमपंथी गतिविधियों में लगातार शामिल रहना कनाडा और कनाडाई हितों के लिए सही नहीं हैं।
CSIS की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत (India), रूस (Russia) और चीन (China) ने जासूसी के ज़रिए कनाडा की आंतरिक राजनीति में दखल दिया हैं। साथ ही यह दावा भी किया गया ये तीनों अकेले ऐसे देश नहीं हैं जिन्होंने ऐसा करने की कोशिश की। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई खालिस्तानियों के कनाडाई नागरिकों के साथ अच्छे संबंध हैं, जो कनाडाई संस्थानों का इस्तेमाल अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने और समुदाय के अनजान सदस्यों से चंदा इकट्ठा करने के लिए करते हैं, जिसे बाद में हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ दिया जाता है।
इस रिपोर्ट में भारत पर गंभीर आरोप लगाए गए कि भारत ने राजनीति के दिग्गजों, पत्रकारों और भारत-कनाडाई समुदाय के सदस्यों के साथ संबंध बनाए हैं जिसका इस्तेमाल भारत के प्रभाव और हितों को बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कनाडा में बॉर्डर पार दमन देखने को मिला। इनमें कनाडा में निगरानी और अन्य ज़बरदस्ती वाले तरीके शामिल हैं, जिनका मकसद भारत सरकार की आलोचना को दबाना और समुदाय में डर पैदा करना होता है। हालांकि यह रिपोर्ट 2025 के कनाडाई खुफिया आकलन पर आधारित है। अब कनाडाई अधिकारियों का मानना है कि भारत का फिलहाल कनाडाई धरती पर होने वाले हिंसक अपराधों या खतरों से कोई लेना-देना नहीं है। CSIS की इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को भारत ने पहले ही पूरी तरह से खारिज कर दिया था और उन्हें राजनीति से प्रेरित बताया था।
Updated on:
02 May 2026 09:20 am
Published on:
02 May 2026 09:04 am
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