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BRICS Summit 2026: दिल्ली में पुतिन का बड़ा बयान, बोले- ‘यूरोप को धमकाने की कोई वजह नहीं, हमारा किसी देश से कोई विवाद नहीं’

Vladimir Putin: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में कहा कि यूरोप को रूस से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने जर्मनी चुनाव में AfD के उभार को पश्चिमी देशों की नीतियों और अहंकार का नतीजा बताया है।
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Updated: 12 Sep 2026, 8:56 AM IST
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फोटो - एएनआई)

Vladimir Putin BRICS Summit 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय देशों को लेकर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि रूस यूरोपीय देशों को धमकी नहीं दे रहा है और न ही ऐसा करने वाला है। उन्होंने कहा कि रूस के पास यूरोप के साथ किसी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य के चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) के पहले स्थान पर आने को लेकर भी पुतिन से सवाल किया गया। उन्होंने इसके लिए पश्चिमी देशों की राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक नीतियों में हुई गलतियों को जिम्मेदार बताया।

यूरोप को क्यों धमकाएंगे? टकराव का कोई कारण नहीं

यूरोपीय देशों को रूस से खतरे की आशंकाओं को खारिज करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस यूरोप को धमकी नहीं दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि रूस यूरोपीय देशों को क्यों धमकाएगा, जबकि दोनों के बीच किसी संघर्ष का कोई आधार नहीं है। पुतिन ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से जुड़े मुद्दे समझौतों के जरिए सुलझाए जा चुके हैं। सोवियत संघ के विघटन के बाद बनी व्यवस्थाओं को भी रूस ने उसके उत्तराधिकारी के तौर पर स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के खिलाफ जाने वाली गतिविधियां रूस के हितों के खिलाफ हैं। साथ ही उनका कहना है कि ऐसी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं।

जर्मनी में AfD की बढ़त पर बोले पुतिन

जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट राज्य के चुनाव में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी के पहले स्थान पर आने पर पुतिन ने पश्चिमी देशों की नीतियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूरोप में इस समय जो कुछ हो रहा है, वह पश्चिमी देशों की राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक नीतियों में हुई व्यवस्थित गलतियों का नतीजा है।

पुतिन ने कहा कि गलतियां हर किसी से होती हैं। रूस ने भी कई गलतियां की हैं और दुनिया के दूसरे देशों ने भी। लेकिन उनके मुताबिक, शीत युद्ध खत्म होने और सोवियत संघ के टूटने के बाद पश्चिमी देशों के नेताओं को लगा कि वे दुनिया में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं।

उन्हें लगा कि सब कुछ करने की इजाजत है

पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों के नेताओं को ऐसा लगने लगा था कि उन्हें सब कुछ करने की इजाजत है। उन्हें यह भी विश्वास हो गया था कि वे कभी गलती नहीं करते। रूसी राष्ट्रपति के मुताबिक, इसी सोच और नीतियों का असर अब यूरोप की मौजूदा स्थिति में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यूरोप में हो रहे राजनीतिक बदलावों को पश्चिमी देशों की नीतियों से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

रूस और यूरोप के बीच संघर्ष से इनकार

पुतिन का बयान ऐसे समय आया है जब रूस और यूरोपीय देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। वहीं, रूस लगातार पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना करता रहा है। इसके बावजूद पुतिन ने कहा कि रूस के पास यूरोपीय देशों के साथ किसी संघर्ष में जाने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस यूरोप को धमकी नहीं दे रहा है और न ही ऐसा करने की उसकी कोई योजना है।

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12 Sep 2026, 8:56 AM IST
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