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ईरान युद्ध के बीच कतर की यात्रा पर निर्मला सीतारमण, LNG और निवेश पर रहेगी नजर, जानें क्यों अहम है दौरा

Qatar LNG Deal: हॉर्मुज संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कतर पहुंची हैं। AIIB बैठक के साथ भारत-कतर व्यापार, निवेश और LNG संबंधों पर भी नजर रहेगी।
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Sep 27, 2026
Nirmala Sitharaman Qatar Visit
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-IANS)

India Qatar Relations: दुनिया में ऊर्जा सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कतर के दौरे पर हैं। वह 27 से 29 सितंबर तक कतर की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। इस दौरान उनकी नजर सिर्फ बैठक पर नहीं, बल्कि भारत-कतर के व्यापार, निवेश और ऊर्जा संबंधों पर भी रहेगी। खास बात यह है कि भारत और कतर के बीच LNG का लंबा समझौता है और भारत की ऊर्जा जरूरतों में कतर की बड़ी भूमिका है।

AIIB की बैठक में लेंगी हिस्सा

सीतारमण 28 सितंबर को दोहा में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की 11वीं सालाना बैठक में शामिल होंगी। वह AIIB में भारत की गवर्नर हैं। भारत इस बैंक का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। इस बैठक में दुनिया के अलग-अलग देशों से जुड़े आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर मुद्दों पर चर्चा होगी।

दौरे के दौरान वित्त मंत्री AIIB के अध्यक्ष के साथ बैठक करेंगी। इसके अलावा जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों से भी बातचीत करेंगी। इन बैठकों के जरिए अलग-अलग देशों के साथ आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

कतर के कारोबारियों और निवेशकों से भी बातचीत

सीतारमण कतर सरकार के नेतृत्व से मुलाकात कर सकती हैं। इसके अलावा वह कतर के कारोबारी नेताओं और निवेशकों से भी बातचीत करेंगी। इस दौरान भारत और कतर के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने पर बात होने की उम्मीद है।

भारत के लिए क्यों अहम है AIIB?

AIIB एशिया और दुनिया के दूसरे हिस्सों में सड़क, स्वच्छ ऊर्जा और पानी जैसी परियोजनाओं के लिए पैसा देता है। बैंक ने जनवरी 2016 में काम शुरू किया था और इसकी शुरुआती पूंजी 100 अरब डॉलर थी। इसके 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं। बैंक का फोकस स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण, परिवहन, डिजिटल नेटवर्क और जल ढांचे जैसी परियोजनाओं पर है। यह बड़े सरकारी और निजी प्रोजेक्ट में निवेश के लिए निजी निवेशकों के साथ भी काम करता है।

कतर से LNG संबंध बेहद महत्वपूर्ण

भारत और कतर के बीच ऊर्जा संबंध भी मजबूत हैं। Petronet LNG और QatarEnergy के बीच 20 साल का LNG समझौता है। इसके तहत 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन LNG की आपूर्ति होनी है। यह भारत की लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा का अहम हिस्सा है। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने के बाद भारत ने अमेरिका से LNG और LPG की खरीद भी बढ़ाई है।