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राघव चड्ढा को ‘आउट’ करने वाले अशोक मित्तल कौन हैं? क्यों है केजरीवाल के करीब

राधव चड्ढा को आम आदमी पार्टी के डिप्टी स्पीकर पद से हटा कर उनकी जगह LPU के संस्थापक अशोक मित्तल को यह पद सौंप दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के नेताओं ने इसे AAP के अंदरूनी मतभेद से जोड़ा है।

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Apr 03, 2026
राघव चड्ढा और अशोक मित्तल (फोटो- एएनआई)

आम आदमी पार्टी (AAP) इन दिनों राष्ट्रीय चर्चा का मुद्दा बनी हुई है। इसकी वजह पार्टी की कोई चुनावी जीत या बड़ी उपलब्धि नहीं बल्कि अपने डिप्टी स्पीकर राधव चड्ढा (Raghav Chadha) को अचानक उनके पद से हटा देना है। राज्यसभा में पार्टी नेतृत्व में हुए परिवर्तन ने अर नई बहस छेड़ दी है। इस बदलाव के तहत अशोक मित्तल (Ashok Mittal) को चड्ढा की जगह पार्टी का उपनेता बनाया गया है। आप पार्टी ने इस मामले पर बयान देते हुए इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताय है लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इस बदलाव के लिए आंतरिक मतभेदों को जिम्मेदार ठहराया है।

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सफल उद्योगपति और शिक्षाविद है मित्तल

पार्टी के उपनेता का पद संभालने के बाद अशोक मित्तल अचानक राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए हैं। मित्तल पंजाब के जालंधर से संबंध रखते है और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वह एक सफल उद्योगपति और शिक्षाविद और उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्हें अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिल चुकी है। शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें इंडियन रेड क्रॉस अवॉर्ड, पंजाब गौरव अवॉर्ड और नेशनल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड जैसे कई सम्मान मिल चुके हैं।

केजरीवाल के करीबी है मित्तल

अशोक मित्तल आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं और पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी ने उन्हें उपनेता बनाकर संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से उठाने की रणनीति अपनाई है। मित्तल ने इस बदलाव को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि आप एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां अलग-अलग नेताओं को अवसर दिया जाता है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह संसद में आम लोगों और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। बता दें कि मित्तल केजरीवाल के करीबी मानें जाते है। 2024 में सीएम आवास छोड़ने के बाद मित्तल ने केजरीवाल को अपने घर में रहने का निमंत्रण दिया था।

आप ने विवाद की खबरों का खंडन किया

इस बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के नेताओं ने इसे आप के अंदरूनी मतभेद से जोड़ा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि राघव चड्ढा पार्टी नेतृत्व से दूरी बना रहे हैं, हालांकिआप ने इन दावों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यह केवल संगठनात्मक पुनर्गठन है और इसका किसी विवाद से संबंध नहीं है।

Updated on:
03 Apr 2026 12:41 pm
Published on:
03 Apr 2026 12:40 pm
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