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अंकिता भंडारी केस: सिक्किम का नया गवर्नर चुनने के बाद बढ़ा विवाद, परिवार से कांग्रेस के बड़े नेताओं ने की मुलाकात

Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी के माता-पिता ने बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के गवर्नर पद पर नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दिया। कांग्रेस नेता राहुल और प्रियंका गांधी ने उनसे मुलाकात कर समर्थन जताया है।
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Oct 14, 2026
Rahul and Priyanka at india gate
धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य प्रदर्शनकारी (फोटो- X post/ @INCIndia)

Rahul Gandhi: दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाए जाने के बाद उत्तराखंड की चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। अंकिता के माता-पिता ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का गवर्नर बनाए जाने के विरोध में दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बुधवार को इंडिया गेट पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

राजनीतिक हलचल और नेताओं का समर्थन

अंकिता के माता-पिता के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता वहां पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी, पवन खेड़ा और उदय भानु भी मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन स्थल के पास सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू की गई हैं। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करेंगे।

क्या है पूरा मामला और परिवार का आरोप?

साल 2022 में ऋषिकेश के पास वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अंकिता के माता-पिता का आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे एक बड़ा VIP शामिल था।

परिवार का दावा है कि 12 अक्टूबर को नियुक्त किए गए सिक्किम के गवर्नर दुष्यंत कुमार गौतम ही वह व्यक्ति हैं, जिनका नाम इस केस से जुड़ा है। परिवार की मांग है कि जब तक इस मामले की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी नियुक्ति को रोका जाए।

दुष्यंत गौतम ने रखा अपना पक्ष

इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने पहले ही इस मामले में मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को उनके खिलाफ पोस्ट हटाने का निर्देश दिया था। पुलिस की किसी भी चार्जशीट या आधिकारिक FIR में उनका नाम शामिल नहीं है, और इस मामले की सीबीआई जांच फरवरी 2026 में शुरू हुई थी।

Updated on:
14 Oct 2026 10:17 pm
Published on:
14 Oct 2026 09:45 pm