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संसदीय समिति अब सैटेलाइट इंटरनेट पर चर्चा करेगी, निशिकांत दुबे ने एलन मस्क को दिया जवाब

Elon Musk: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि संसदीय समिति ने सैटेलाइट इंटरनेट को चर्चा का विषय चुना है। समिती ने एलन मस्क के स्टारलिंक वाले विवाद के बाद सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
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Nishikant Dubey On Satellite Internet

Nishikant Dubey And Elon Musk (Photo-IANS)

Satellite Internet: देशभर में एलन मस्क के विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद स्टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर चर्चा छिड़ गई थी। इस चर्चा के बाद अब संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति ने एक बड़ा कदम उठाया है। संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने बताया कि समिति ने अपनी आने वाली बैठकों में विस्तार से चर्चा करने के लिए सैटेलाइट इंटरनेट को एक अहम विषय के रूप में चुना है।

निशिकांत दुबे ने दी जानकारी

निशिकांत दुबे ने जानकारी दी कि एलन मस्क की स्टारलिंक के अलावा यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट ने देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए परमिशन के लिए आवेदन किया है। जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस रिलायंस जियो का सैटेलाइट वेंचर है, जबकि यूटेलसैट वनवेब को भारती एयरटेल का समर्थन हासिल है। ये दोनों ही कंपनियां फिलहाल पूरे देश में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क उपलब्ध करवाती हैं।

खतरा हो सकता है स्टारलिंक से

निशिकांत दुबे ने कहा कि उनकी समिति ने स्टारलिंक से सुरक्षा एजेंसियों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझा है। रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और जांच एजेंसियां इन खतरों से प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने इसे 'खतरनाक खेल' बताया है। दुबे ने यह भी कहा कि 2013-14 में मनमोहन सिंह सरकार ने भी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) को ऐसे खतरों की जानकारी दी थी।

दुबे ने स्पष्ट कहा कि भारत एक स्वस्थ लोकतांत्रिक और संप्रभु देश है। यह दबाव या सोशल मीडिया के कारण अपनी सुरक्षा नीति नहीं बदलता। उन्होंने मस्क से कहा कि पहले अमेरिका के गरीबों को सस्ती दर पर इंटरनेट दें, फिर आरोप लगाएं। इससे पहले एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में इंटरनट सेवाओं कॉम्पीटिशन को रोकने की कोेशिश कर रहे हैं।

क्या है मौजूदा स्थिति

स्टारलिंक को कुछ लाइसेंस मिल चुके हैं, लेकिन व्यावसायिक सेवा शुरू करने के लिए सुरक्षा मंजूरी और अन्य प्रक्रियाएं बाकी हैं। सरकार का कहना है कि सैटेलाइट संचार के नियम सभी के लिए एक जैसे हैं। समिति अब इस विषय पर चर्चा करेगी। दुबे ने कहा कि समिति सुरक्षा को व्यापारिक हितों से ऊपर रखेगी।

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