
Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा कि वोट भारतीय लोकतंत्र की नींव है। वोट से ही हमारे संविधान को ताकत, हमारे कानूनों को अधिकार और हमारे सार्वजनिक संस्थानों को वैधता मिलती है। यही कड़ी आधुनिक भारत की पहचान है।
उन्होंने आगे कहा कि आज यह कड़ी टूट गई है, और भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वोट को खत्म करके, इस सरकार और चुनाव आयोग ने हर भारतीय की आवाज़ पर हमला किया है। इस सरकार ने चोरी किए गए वोटों के दम पर जो कुछ भी किया है, वह गैर-कानूनी है। वोट चोरी से चुना गया सांसद गैर-कानूनी तरीके से अपनी सीट पर बैठा है, और उस सांसद के समर्थन से पास हुआ हर कानून गैर-कानूनी है।
इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर भी जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि देश में सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के खिलाफ तो काम करती है, लेकिन भाजपा के खिलाफ गायब हो जाती है। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत में एंटी-इन्कम्बेंसी एक स्वाभाविक राजनीतिक ताकत है, जो हर सरकार के खिलाफ समय के साथ उभरती है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश युद्ध के बाद भारी लोकप्रियता हासिल की थी, लेकिन कुछ ही समय में उनके खिलाफ भी सत्ता विरोधी माहौल बन गया। यही स्थिति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ भी होती है, लेकिन भाजपा के मामले में ऐसा नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में धांधली हुई। मेरे पास इसे साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। यह 99 प्रतिशत नहीं, बल्कि 100 प्रतिशत निश्चित है।
राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार पर भी जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्त भी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जता रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को मौजूदा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा दायित्व मतदाता के वोट की रक्षा करना है। अगर वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो संविधान सही ढंग से काम नहीं करेगा, कानूनों की वैधता पर सवाल उठेंगे और लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व खत्म हो जाएगा।