राहुल गांधी ने हाल ही कर्नाटका के एक परिवार को फर्जी वोटर बताया था जिसके बाद अब चुनाव आयोग ने उन लोगों के असली मतदाता होने के सबूत पेश किए है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन दिनों फर्जी मतदाताओं के मुद्दे को लेकर एक मुहीम शुरु कर रखी है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग फर्जी वोटर्स के नाम वोटरकार्ड जारी करता है और इसकी मदद से वोट चोरी किए जाते है। हाल ही एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर राहुल ने इसी कई ऐसे लोगों की वोटरकार्ड दिखाते हुए उनके फेक वोटर होने का दावा किया था। लेकिन राहुल का यह दाव अब उन्ही पर भारी पड़ गया है क्योंकि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल ने कर्नाटक के एक परिवार को फर्जी वोटर बताया था उसके सदस्यों के असली मतदाता होने के परिणाम चुनाव आयोग ने पेश कर दिए है।
प्रेस कांफ्रेंस में राहुल ने बेंगलुरु में रहने वाले तीन लोगों के एक परिवार का जिक्र करते हुए उनके फेक वोटर बताया था। हालांकि राहुल इन लोगों की फोटो दिखाने में असक्षम रहे थे। इसके बाद अब इन तीनों लोगों की तस्वीर और उनके जीपीएस टैग किए गए पते सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। फ़ोटो में परिवार के सदस्य बेंगलुरु के पंथुर, जेसीआर लेआउट, 2 मेन में स्थित अपने आवास पर अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाते हुए नजर आ रहे है। चुनाव आयोग के अनुसार, इन तीनों की पहचान ओम प्रकाश बागड़ी, सरस्वती देवी बागड़ी और माला बागड़ी के रूप में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से हलफनामा जमा करने के लिए इसलिए कहा, क्योंकि पहले भी उन पर भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए आरोपों से मुकरने का आरोप लगा है। बता दे कि, राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव में धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु के इस मामले का उदाहरण भी दिया था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच की और राहुल के दावों को गलत साबित कर दिया।